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बस स्टैंड का हाल: प्लेटफार्म बने पर नहीं खड़ी होतीं बसें

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इटावा। रोडवेज बस स्टैंड पर यात्रियों का आवागमन हर समय बना रहता है। बस स्टैंड पर बसों के खडे़ होने के लिए बनाए गए प्लेटफार्मो पर बसों का ठहराव नहीं होता। इन प्लेटफार्मों पर बसों का कोई टाइम टेबल भी नहीं लिखा है। यात्रियों को बसों की जानकारी के लिए बस स्टैंड पर इधर-उधर भटकने को विवश होना पड़ता है। चालक बसों को अपने निर्धारित प्लेटफार्म पर खड़े करने के बजाय रोडवेज बस स्टैंड के गेट पर खड़ा करते हैं। प्लेटफार्म बनाने के पीछे यही मकसद है कि यात्रियों को बसों के आवागमन की जानकारी व उपलब्धता सुगमता से हो पर यहां सब पुराने ढर्रे पर ही चल रहा है।
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रोडवेज बस स्टैंड को आधुनिक बस स्टैंड बनाया गया है, जिसमें बस स्टॉप से बाहर जाने वाली बसों के लिए अलग अलग प्लेटफार्म निर्धारित किए गए हैं। इससे जिस स्थान पर यात्रियों को जाना हो तो वह उसी प्लेटफार्म के पास बनी कुर्सियों पर प्रतीक्षा करें और बस आने के बाद अपने गंतव्य स्थान के लिए रवाना हो सकें। बस स्टॉप पर दिल्ली समेत उरई, औरैया, मैनपुरी, फर्रुखाबाद समेत अन्य स्थानों के लिए कुल 16 प्लेटफार्म बनाए गए हैं। इस बस स्टैंड से प्रतिदिन करीब 8 हजार यात्री रोडवेज बसों से यात्रा करते हैं। इस स्टैड से प्रतिदिन 100 बसों का आवागमन है जबकि अन्य डिपो की बसें भी आती हैं।
बस स्टैंड पर रोडवेज के चालक बसों को इन प्लेटफार्म पर न रोककर बस स्टैंड के गेट पर बसों को खड़ा करते हैं, जिससे बाहर से आने वाले यात्री बसों की जानकारी के लिए आसपास के दुकानदारों व चालक परिचालक से जानकारी करने के लिए विवश होते हैं। इस मामले में रोडवेज बस स्टेशन प्रभारी ममता अग्रवाल ने बताया कि यात्रियों की सुविधा के लिए वह स्वयं सुबह के समय वहां मौजूद रहती है, जिससे किसी यात्री को आवागमन से संबधित जानकारी चाहिए तो वह सीधे उनसे बात कर सके। उन्होंने कहा कि लगातार प्रयास किया जा रहा है कि निर्धारित प्लेटफार्म पर ही बसों को लगाया जाए।
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रविवार को शहर के मोहल्ला मेवाती टोला निवासी रेशमा ने बताया कि वह अपनी रिश्तेदारी में एक आवश्यक कार्य से कालपी जाना है। कालपी जाने के लिए कितने नंबर की बस मिलेगी यह जानकारी न होने के कारण उन्हें पूछना ही पडे़गा। बस स्टैंड पर लगी तख्तियां पर यदि बस खड़ी हो तो शायद पूछने के लिए मजबूर न होना पड़े। उन्होंने कहा कि सबसे अधिक परेशानी महिलाओं को ही आती है क्योंकि जानकारी करने से पहले यह देखना होता है कि कहीं कोई गलत न बता दे।
बकेवर क्षेत्र के ग्राम गुलाबपुरा निवासी ओमप्रकाश यादव ने बताया कि वह जरूरी कार्य से आगरा जनपद के पिनाहट जाना है। पिनाहट के लिए बस सीधी मिलती है या फिर आगरा तक जाना होगा इसकी जानकारी पूछताछ कार्यालय पर की जाए अथवा आसपास के दुकानदारों से जानकारी कर अपना कार्य निकाल लेते हैं। उन्होंने कहा कि विभाग ने निर्धारित प्लेटफार्म बना दिए हैं तो फिर बसों के चालकों को उसी स्थान पर खड़ा करना चाहिए।
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