फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बसों का जमघट, तिराहे पर जाम ही जाम

विज्ञापन
विज्ञापन
इटावा। शहर के बस अड्डा तिराहे पर यातायात की व्यवस्था पूरी तरह से बिगड़ी हुई है। यहां पर दिनभर जाम की स्थिति रहती है। कानपुर और दिल्ली रूट की रोडवेज बसें तिराहे पर ही बहुत देर तक सवारियों के इंतजार में खड़ी रहतीं हैं।
विज्ञापन

इसके अलावा रोड पर ही रोडवेज की बसें सवारियों को उतारतीं और चढ़ातीं हैं। इसके अलावा प्राइवेट बसें भी तिराहे पर ही सवारियों को बस में बैठातीं और उतारती हैं। साथ ही दूसरे डग्गामार वाहन भी यहीं जमे रहते हैं।
इस वजह से यहां पर लोगों को निकलना भी मुश्किल हो जाता है। रोडवेज बसों के खड़े होने के लिए करोड़ों रुपये की लागत से बस अड्डा बनाया गया है।
यहां पर यात्रियों के बैठने के लिए भी सुविधाएं हैं और बसों के खड़े होने के लिए भी पर्याप्त स्थान है, लेकिन इसका उपयोग न तो यात्री कर रहे और न ही रोडवेज बसों के ड्राइवर और कंडक्टर।
विज्ञापन

रोडवेज की बसें अड्डे के अंदर कम और तिराहे पर अधिक नजर आतीं हैं। ये बस चालक और कंडक्टर बस को लेकर तिराहे पर आ जाते हैं और वहीं पर सवारियों का इंतजार करते हैं। बस में यदि सवारियां कम हैं ये बहुत देर तक वहां खड़े रहते हैं।
बाहर की डिपो से आने वाली बसों के ड्राइवर और कंडक्टर का प्रयास रहता है कि वे तिराहे पर ही सवारियों को उतार दें और वहीं से उन्हें सवारियां मिल जाएं, उन्हें अंदर बस अड्डे न जाना पड़े।
रोडवेज बसों के अलावा प्राइवेट बसों के ड्राइवर और कंडक्टर भी सड़क पर ही सवारियों को उतारते और चढ़ाते हैं। शहर में चलने वाले बैट्री रिक्शा और आटो वाले भी वहीं आसपास जमे रहते हैं।
शहर के आसपास के कस्बों के लिए जाने वाली बसें और दूसरे डग्गामार वाहन भी तिराहे से ही सवारियां भरते हैं। इसकी वजह से भी यहां जाम लगता है। इसकी वजह से शहर के लोगों को यहां से निकलने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ती है।
बस अड्डा तिराहे से शास्त्री चौक तक इन वाहनों की धमाचौकड़ी के चलते आम लोगों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। लोगों की शिकायत पर दो हफ्ते पहले नगर पालिका परिषद ने अभियान चलाकर डग्गामार वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की थी।
कई गाड़ियों का चालान भी किया गया था। 15 दिन बाद हालात फिर वैसे ही बन गए हैं। नगर पालिका ने फुटपाथ पर कब्जा कर दुकान लगाने वालों पर भी कार्रवाई की थी, लेकिन फिर यहां फिर से दुकानें सज गई हैं।
फुटपाथ पर भी कब्जा
बस अड्डा तिराहे से लेकर शास्त्री चौक तक फुटपाथ पर भी छोटे दुकानदारों ने कब्जा जमाया हुआ है। इसके अलावा जो स्थायी दुकानदार हैं, उन्होंने भी अपना सामान बाहर फैलाकर जगह को घेर लिया है, जिसके चलते यहां पर जगह की कमी पड़ जाती है और जाम लगता है।
बस अड्डा तिराहे से कुछ दूर स्थित शास्त्री तिराहे पर यातायात सुधारने के लिए पुलिस, होमगार्ड और पीआरडी के जवान तैनात रहते हैं, लेकिन बस अड्डा तिराहे पर वाहन देर तक खड़े न हो सकें, इसको देखने वाला वहां कोई नहीं है।
बस अड्डा तिराहे पर जिस भी वजह से जाम लगता है, उसे देखकर वहां पर व्यवस्था सुधारी जाएगी। सड़क पर खड़े होने वाले वाहनों को चिह्नित कर उन पर कार्रवाई की जाएगी।
-अमित सिंह, पुलिस क्षेत्राधिकारी नगर
बस अड्डा तिराहे पर प्राइवेट बसों की वजह से जाम लगता है। कुछ रोडवेज बसें भी वहां से सवारियां बैठातीं और उतारतीं हैं। उनको हिदायत दी जाएगी कि वहां पर जाम न लगाएं।
विज्ञापन

-बीपी अग्रवाल, आरएम, यूपी रोडवेज
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें