बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के निर्माण में ताखा तहसील क्षेत्र में वाहनों के चढ़ाने उतारने के लिए कट नहीं होने पर परेशानी होती है। इसको लेकर आगरा लखनऊ एक्सप्रेसवे के नजदीक कांग्रेस पदाधिकारियों ने आमरण अनशन धरना प्रदर्शन किया।
इस दौरान कांग्रेस ने पुलिस पर लोगों को रोकने और धमकाने का आरोप लगाया। उपजिलाधिकारी ताखा और क्षेत्राधिकारी भरथना को राज्यपाल को संबोधित मांगपत्र सौंपा।
अनशन में कांग्रेस जिलाध्यक्ष मलखान सिंह ने ताखा तहसील क्षेत्र के लोगों के साथ अन्याय बताया। कट नहीं बनने तक जनता की लड़ाई लड़ने का फैसला किया। उन्होंने कहा कि वह शांतिपूर्ण तरीके से अपना प्रदर्शन कर रहे हैं।
इसके बावजूद पुलिस शामिल होने वालों को प्रताड़ित कर रही है। धरना प्रदर्शन में कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष उदयभान सिंह ने कहा कि आगरा लखनऊ एक्सप्रेसवे में सैकड़ों हेक्टेयर भूमि किसानों की गई।
मौके पर पहुंची थाना ऊसराहार पुलिस ने रोकने की कोशिश की, लेकिन कांग्रेसी माने नहीं। इसके बाद मौके पर क्षेत्राधिकारी भरथना चंद्र पाल सिंह भी पहुंचे। धारा 144 की कहकर प्रदर्शन को बंद करने को कहा।
कांग्रेस पदाधिकारियों की मांग पर मौके पर पहुंचे उपजिलाधिकारी ताखा सत्यप्रकाश ने सभी को समझाया। उनकी बात शासन तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। इस कांग्रेस पदाधिकारियों ने आमरण अनशन और धरना प्रदर्शन खत्म कर दिया।
इस मौके पर जिला उपाध्यक्ष संजय दोहरे आर बी पाल, ब्लाक अध्यक्ष संदीप यादव, सुरेश शाक्य, मोहम्मद रफीक, पद्म दुबे, सर्वर अली, सोनू यादव, फिरदौस वारिस, प्रमोद कुमार, राकेश कुमार आदि लोग शामिल रहे।
कांग्रेसियों से पुलिस की हुई कहासुनी
ऊसराहार। कांग्रेसियों और थाना ऊसराहार पुलिस से कांग्रेस पदाधिकारियों की कहासुनी भी होती रही। पुलिस ने धारा 144 लगे होने पर कार्रवाई की धमकी दी तो कांग्रेसी भड़क गए। लोकतांत्रिक अधिकारों को दबाने की बात कही। पूर्व जिलाध्यक्ष उदयभान सिंह ने थाना ऊसराहार पुलिस पर पूर्वाग्रह से ग्रस्त होकर कांग्रेस के आमरण अनशन को साजिशन रोकने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि कुछ दिन पहले ही सपा जिलाध्यक्ष के साथ थाना ऊसराहार क्षेत्र में ही आधा सैकड़ा लोग मौजूद रहे। सांसद रामशंकर कठेरिया ताखा तहसील क्षेत्र में ही लोगों का जमावड़ा लगाए रहे, तब पुलिस चुप थी। जबकि कांग्रेस के लोकतांत्रिक प्रदर्शन को भी रोकने का प्रयास कर रही है।