इटावा। अमेरिकी विशेषज्ञ दल के इटावा सफारी दौरे के बाद सफारी के ब्रीडिंग सेंटर की व्यवस्था में एक और बड़ा फेरबदल किया गया है। अब ब्रीडिंग सेंटर में मौजूद डॉक्टरों को यहां का सर्वेसर्वा बनाया गया है। पहले रेंज अॅाफीसर ब्रीडिंग सेंटर की व्यवस्थाओं के प्रमुख थे । उन्हीं के निर्देशन में ब्रीडिंग का कार्य डॉक्टर देख रहे थे। अमेरिकी विशेषज्ञों का मानना है कि डॉक्टर को यहां कार्य करने की पूरी छूट होनी चाहिए। इससे शेरों की देखरेख और बेहतर होगी।
दो हफ्ते पहले अमेरिकी विशेषज्ञ दल ने सफारी का दौरा किया था। इस दौरान उन्होंने सफारी प्रशासन को कई सलाह भी दी थी। जिससे शेरों की देखरेख और अच्छी तरह से हो सके। इसी के तहत अमेरिकी दल ने लायन सफारी प्रशासन से ब्रीडिंग सेंटर की व्यवस्थाओं में फेरबदल करने की राय दी थी । यहां तैनात डॉक्टरों को कार्य करने के लिए पूरी छूट देने को कहा था। विशेषज्ञों का मानना है कि प्रशासनिक अधिकारी शेरों की देखरेख के बारे में उतना बेहतर नहीं जानते, जितना कि शेरों की देखरेख में निरंतर उनके साथ रह रहे डॉक्टर।
इसलिए डॉक्टरों को यहां की व्यवस्थाओं में फेरबदल करने का अधिकार दिया जाना चाहिए। विशेषज्ञों की राय को मानते हुए लायन सफारी प्रशासन ने ब्रीडिंग सेंटर के प्रमुख रेंज ऑफीसर अरविंद मिश्रा से यह जिम्मेदारी वापस लेकर यहां तैनात डॉ. अरविंद त्रिपाठी को सौंपी है। उनके साथ डॉ. अमित व डॉ. गौरव भी कार्य करेंगे। इटावा सफारी पार्क के डायरेक्टर संजय श्रीवास्तव ने बताया कि पहले ब्रीडिंग सेंटर पर सिर्फ एक डॉक्टर की ही तैनाती थी।
जिससे उन पर ब्रीडिंग सेंटर की पूरी जिम्मेदारी नहीं डाली जा सकती थी। इसलिए रेंज ऑफीसर अरविंद मिश्रा को यहां की व्यवस्थाओं को देखने के लिए लगाया गया था। अब ब्रीडिंग सेंटर पर तीन डॉक्टरों की तैनाती हो चुकी है। जिससे यहां की व्यवस्था पहले से काफी बेहतर हो गई है। डॉक्टर स्वयं यहां की पूरी व्यवस्थाएं संभाल सकते हैं। जिस पर डॉक्टरों को अब ब्रीडिंग सेंटर की उनके क्षेत्र की पूरी जिम्मेदारी सौंप दी गई है। जबकि रेंज अफसर प्रशासनिक कार्य देखेंगे।