बिजली विभाग की अनदेखी के चलते ग्रामीण क्षेत्र में कई स्थानों पर लगे बिजली पोल जर्जर हो चुके हैं। इससे किसी भी दिन हादसे की आशंका बनी हुई है। ग्रामीणों को आए दिन हादसे का डर रहता है।
ग्रामीणों का कहना है कि विभागीय अधिकारी इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे। विभाग की इस लचर व्यवस्था का खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ता है।
ग्रामीण क्षेत्र में बिजली के तार काफी पुराने हो चुके हैं।
ऐसे में इन तारों के आपस में छूने पर चिंगारी के साथ यह टूट जाते हैं। सबसे ज्यादा समस्या उन किसानों को है, जिनके खेतों के ऊपर से एचटी लाइन के जर्जर तार गुजर रहे हैं।
हाईटेंशन लाइन के तार इतने नीचे हैं कि हादसे का डर बना रहता है। सड़क के किनारे के झूलते इन तारों से वाहन चालक को भी खतरा बना रहता है।
क्षेत्र के गांव नगला पलटू, इस्माइलपुर में खेतों से निकली हाईटेंशन लाइन काफी नीची है। वहीं, निवाड़ीकला से दादरपुर के लिए लगाई गई लाइन भी कई जगह जर्जर हो चुकी है।
गांव नगला पलटू निवासी नरेंद्र का कहना है कि खेतों के ऊपर गुजरे हाईटेंशन लाइन के तार काफी नीचे हैं। इससे हमेशा हादसे का डर बना रहता है। गांव के पिंकी ने बताया कि उनके खेत में खड़े होकर हाथों से हाईटेंशन लाइन को छुआ जा सकता है। कई बार विभाग को इसकी सूचना दी गई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
किसान सोनू दुबे, पिंकी यादव, जगदीश सिंह, पंकज, नरेश, सतीश ने बिजली विभाग के अधिकारियों से मांग की है कि धान की रोपाई का काम शुरू होने वाला है। ऐसे में खेतों के ऊपर झूलते तारों को दुरुस्त कराया जाए।
बीते कुछ महीनों में जर्जर हो चुके हाईटेंशन लाइन के तार टूटने से निवाड़ीखुर्द निवासी एक किसान की मौत हो चुकी है।
जबकि पिछले दिनों टडबा काछियान गांव में एचटी लाइन की चपेट में आने से ट्रक चालक ने जान गंवा दी थी। कई बार इन तारों से पालतू पशु भी काल के गाल में समां चुके हैं।
बिजली विभाग के जेई शशिकांत का कहना है कि एचटी लाइन के जर्जर तारों की जानकारी उन्हें नहीं थी। टीम भेजकर तुरंत पता करवाएंगे और जहां कमी पाई जाएगी उसको दुरुस्त कराया जाएगा।