जिला अस्पताल में उपचार के लिए आने वाले मरीजों को अब खून की जांचों की रिपोर्ट के लिए इंतजार नहीं करना होगा। मरीजों को सामान्य जांचों की रिपोर्ट उसी दिन कुछ घंटों के अंदर ही मिल जाएगी। इसके लिए जिला अस्पताल की पैथालॉजी को हाईटेक बनाने का कार्य तेजी से हो रहा है। इसके के लिए नए उपकरण भी मंगाए जा चुके हैं।
जिला अस्पताल की पैथालॉजी के पुराने उपकरण मरीजों के लिए पिछले काफी समय से मुसीबत बने हुए थे। लैब में अत्याधुनिक उपक रण न होने से अस्पताल में जांच कराने पहुंचे मरीजों को साधारण जांच की रिपोर्ट भी कई घंटों बाद या फिर दूसरे दिन ही मिल पाती थी। वहीं, कई ऐसी भी जांचें डॉक्टरों के द्वारा लिखी जाती हैं।
इसके लिए मरीजों को प्राइवेट पैथालॉजियों पर जाना पड़ता है। अब अस्पताल प्रशासन तेजी के साथ लैब को हाईटेक रूप देकर उपकरणों को यहां स्थापित करने की तैयारी में है। माना जा रहा है कि लैब में चल रहे छोटे मोटे निर्माण कार्य अगल 15 दिनों में पूरे कर लिए जाएंगे। हाईटेक लैब का लाभ जिला अस्पताल आए मरीजों को मिलने लगेगा।
अस्पताल की लैब को सबसे जरूरी उपकरण ऑटो एनलाइजर भी मिल गया है। इस उपकरण से एक साथ 50 ब्लड सैंपलों की जांच की जा सकेगी। मरीजों को इसका लाभ मिलेगा। क्योंकि अस्पताल की लैब में पहले से स्थित सेमी ऑटो एनलाइजर पर एक बार में एक सैंपल की ही जांच हो पाती थी। इससे मरीजों को रिपोर्ट मिलने में काफी समय लग जाता था।
इटावा। अस्पताल को नए उपकरणों में शैल काउंटर उपकरण भी मिल चुका है। यह उपकरण सीबीसी की पूर्ण जांच करने में सक्षम है। उपकरण के आने से अस्पताल में मरीजोें के प्लेटलेट्स की जांच भी होना शुरू हो जाएगी। इससे मरीजों को अब इसकी जांच के लिए प्राईवेट पैथालॉजियों पर मोटी रकम खर्च नहीं करनी पडे़गी।
इटावा। पैथालॉजी को इलैक्ट्रोलाइट उपकरण भी मिल चुका है। इससे अब यहां पर सोडियम, पोटेशियम, कैल्शियम के साथ ईएसआर की जांच 20 से 25 मिनट में मरीजों को मिल जाएगी। इसके साथ ही एचबी वन ए से शुगर की सभी जांचे होना संभव होंगी।
इटावा। जिला अस्पताल की पैथालॉजी में अत्याधुनिक उपकरण उपलब्ध होने के बाद अब लैब को पूरी तरह से वातानकूलित बनाया जा रहा है। लैब में साफ सफाई का विशेष ध्यान रखा जाएगा। डॉक्टर के पास से आए मरीजों को जांच के लिए दूसरे कक्ष से पर्ची दी जाएगी। इसके बाद ही मरीज लैब में जा सकेगा। मरीज को उसकी रिपोर्ट भी लैब में नहीं बल्कि दूसरे कक्ष में ही प्राप्त हो जाएगी। जिला अस्पताल के पैथालॉजिस्ट डॉ. एसएस भदौरिया ने बताया कि 15 से 20 दिन के अंदर लैब के सभी उपकरण कार्य करना शुरू कर दिए जाएंगे।