चकरनगर। क्षेत्र की दो साधन सहकारी समितियों पर गुरुवार को चुनाव संपन्न कराए गए। इसमें एक साधन सहकारी समिति पर निर्विरोध तो दूसरी पर काफी दिलचस्प चुनाव हुआ। दोनों समितियों पर भाजपा समर्पित प्रत्याशियों ने परचम फहराया।
सिंडौस व कुंदौल साधन सहकारी समिति पर गुरुवार को अध्यक्ष पद के लिए सकुशल चुनाव हुए। साधन सहकारी समिति सिंडौस पर छक्कीलाल पाल निर्विरोध अध्यक्ष चुने गए। कुंदौल समिति पर अध्यक्ष पद के लिए रम्पुराघार निवासी बादशाह सिंह यादव व बछेड़ी निवासी अजय प्रताप उर्फ राहुल चौहान के मध्य कांटे का मुकाबला रहा। इस दौरान कुल नौ सदस्यों ने मतदान किया। इसमें राहुल चौहान को पांच व बादशाह सिंह यादव को चार मत मिले। एक वोट से राहुल चौहान विजयी घोषित किए गए। चकरनगर प्रथम से सपा जिपं सदस्य का भाजपा समर्पित प्रत्याशी का समर्थन क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। मंडल अध्यक्ष शेखर चौहान ने दोनों समितियों के अध्यक्षों को जीत की बधाई दी। ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि राकेश यादव, पूर्व ब्लाक प्रमुख प्रतिनिधि मुकेश राजावत सतेंद्र सिंह चौहान, बालमुकुंद सिंह, संजीव सिंह चौहान, योगेंद्र सिंह, उपेंद्र चौहान आदि मौजूद रहे।
साधन सहकारी समिति चुनाव में तीन वोटों से हुई जीत
उदी। बढपुरा विकास खंड की साधन सहकारी समिति मदायन पर हुए निर्वाचन में अध्यक्ष पद पर तीन वोटों से जीत हुई। उपाध्यक्ष को निर्विरोध चुना गया। समिति चुनाव में सभापति के पद पर चुनाव लड़ने वाले सूरज पाल राजपूत को छह वोट मिले तो भाजपा पार्टी की ओर से सभापति के दावेदार शिव बहादुर सिंह को तीन वोट मिले। सूरजपाल राजपूत ने तीन वोटों से जीत हासिल की। उपसभापति अन्नू यादव को निर्विरोध चुना गया। साधन सहकारी समिति मदायन पर निर्वाचन अधिकारी अवनीश कुमार एवं सहायक निर्वाचन एवं सचिव विजय कुमार यादव की देखरेख में चुनाव संपन्न हुआ।
इकदिल में निर्विरोध जीते अध्यक्ष व उपाध्यक्ष
इकदिल। बहुउद्देशीय सहकारी समिति इकदिल में गुरुवार को अध्यक्ष पद प्रदीप सोनी व उपाध्यक्ष राजेश यादव निर्विरोध चुने। निर्वाचन अधिकारी संदीप सविता, सहायक निर्वाचन अधिकारी राहुल श्रीवास्तव, सचिव प्रमोद कुमार चतुर्वेदी बहुउद्देशीय सरकारी समिति इकदिल की देखरेख में पर्चे की बिक्री हुई थी। इसमें सात वार्डों के डायरेक्टर पद पर निर्वाचित राजेश कुमार, गीता देवी, अंजनी मिश्रा, प्रेमनारायण त्रिपाठी, उत्तम कुमार, प्रदीप कुमार सोनी, सुनील कुमार टंडन व रिक्त पद पर रामस्वरूप मनोनीत हुए। इसमें सहकारी समितियों की नौ संस्थाओं में 32 पद पर प्रतिनिधि चुने गए।