महेवा। विकासखंड क्षेत्र के कस्बा एवं ग्रामीण अंचलों में अघोषित बिजली कटौती से लोग परेशान हैं। क्षेत्र में 10 से 12 घंटे ही बिजली मिल रही है। वहीं लो वोल्टेज की समस्या होने से उमस भरी गर्मी में पानी की किल्लत से लोगों को जूझना पड़ रहा है। जिससे ग्रामीणों में गहरा रोष व्याप्त है।
महेवा पावर हाउस से 33 केवी बिजली सब स्टेशन से बिजली आपूर्ति की जाती है। एक माह पहले तक शेड्यूल के मुताबिक 16 से 18 घंटे ही बिजली आपूर्ति की जा रही थी। वहीं अब कुछ सप्ताह से ग्रामीण क्षेत्र में केवल 6-7 घंटे बिजली आपूर्ति मिल पा रही है। जिससे लोगों को पानी के लिए भी हैंडपंप पर लाइन लगानी पड़ रही है। कस्बा निवासी सतीश पांडे, किसान नेता बबलू तिवारी, मुकेश दिवाकर, गिरीश शुक्ला आदि ने ऊर्जा मंत्री को पत्र भेजकर शेड्यूल के मुताबिक बिजली आपूर्ति की मांग की है।
जिला कांग्रेस कमेटी के महामंत्री सतीश नागर का कहना है कि भाजपा सरकार में भ्रष्टाचार चरम पर है। अधिकारी और कर्मचारी निरंकुश हो गए हैं, किसी को भी जन समस्याओं से कोई सरोकार नहीं है।
उझियानी गांव निवासी नरेंद्र रावत का कहना है कि बिजली विभाग उपभोक्ताओं से जितना पैसा वसूल रहा है, उतनी बिजली तो देनी ही चाहिए। अधिकारियों को ईमानदारी के साथ काम करना चाहिए।
ग्राम गौतमपुर निवासी अजय त्रिपाठी का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्र की आपूर्ति तो भगवान भरोसे है, आए दिन कहीं न कहीं फाल्ट बना रहता है। जिससे गांव के लोगों को समस्या झेलनी पड़ती है।
आंधी व बारिश के चलते ब्रेकडाउन होने से फाल्ट हो जाता है। इस समस्या से निजात के लिए लाइनमैनों को निर्देशित कर दिया है जल्द ही व्यवस्था दुरुस्त हो जाएगी। - भूपसिंह (एसडीओ, बिजली)