मिठाई की दुकान में समय अवधि चस्पा कर बिकतीं मिठाइयां
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इटावा। होली की तैयारी में बाजार सज गए हैं। मिठाई की बिक्री शुरू हो गई है। शहर के प्रतिष्ठित दुकानदार मिठाइयों की उपयोग अवधि लिख रहे हैं लेकिन छोटे दुकानदार अवधि लिखना जरूरी नहीं समझा रहे हैं। इसके चलते लोगों को स्वास्थ्य संबंधित समस्या उठानी पड़ सकती है।
होली पर मावां (खोवा) की डिमांड अक्सर बढ़ जाती है। ऐसे में कुछ दुकानदार कई दिन पुरानी रखी मिठाई को भी काउंटर पर लगा देते हैं, जिसके पश्चात लोगों को स्वास्थ्य संबंधित समस्या झेलनी पड़ती है।
सरकार के आदेश पर फूड सेफ्टी स्टैंडर्स आथॉरिटी ऑफ इंडिया ने नई गाइडलाइन जारी करते हुए दुकान में रखी मिठाई की निर्माण व एक्सपायरी डेट लिखना अनिवार्य किया है। शहर के प्रतिष्ठान दुकानदार मिठाई की निर्माण व एक्सपायरी अवधि लिख रहे हैं। जबकि छोटे दुकानदारों पर इसका असर नहीं दिख रहा है।
कुछ दुकानदारों को इसकी जानकारी तक नहीं है। नौरंगाबाद स्थित एक दुकानदार ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि जब नियम बना तो अधिकांश लोगों ने इसका पालन किया लेकिन इसके बाद फिर वैसे ही हो गया। किसी टीम की आने की जानकारी पर दुकानदारों में बस सक्रियता बढ़ जाती है।
इस बार कम हो रही बिक्री
अंजली स्वीट हाउस के विमलेश जैन ने बताया कि होली के त्योहार पर इस बार पिछल साल की अपेक्षा दुकानदारी कम है। दिनभर में करीब 50 लोग ही मिठाई खरीदने आ रहे हैं। दुकान में रखी सभी मिठाइयों पर निर्माण व एक्सपायरी डेट लिखी हुई है।
कोरोना का असर मिठाइयों पर भी
बल्देव प्रसाद मिष्ठान भंडार के विश्वास यादव ने बताया कि कोरोना का असर इस बार दुकानदारी पर भी दिख रहा है। होली के शेष बचे दो से तीन दिनों में अच्छी दुकानदारी की उम्मीद है। दुकान में रखी सभी मिठाइयों में उसकी अवधि लिखी हुई है, जिनको हम फ्रिज में दिन तक रख सकते है।