तीन दशक से अधर में लटकी इटावा-भिंड रेल लाइन पर नवरात्र के शुभ मुहूर्त में ट्रेन दौड़ना शुरू हो जाएगी। फिलहाल इस रूट पर मालगाड़ियों को चलाया जाएगा। सवारी गाड़ी का संचालन शुरू होने में वक्त लगेगा। क्योंकि सवारी गाड़ी का संचालन तभी शुरू होगा जब कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी (सीआरएस) हरी झंडी दे देंगे।
शुक्रवार को डीआरएम झांसी ने भिंड से लेकर इटावा तक रेलवे ट्रैक का निरीक्षण किया और दो-तीन दिन में मालगाड़ी चलाने की बात कही। तीन दशक पूर्व वर्ष 1984 में तत्कालीन रेल मंत्री माधव राव सिधिंया ने इटावा-गुना रेल लाइन की आधारशिला रखी थी।
वर्षों पहले मध्य प्रदेश के भिंड जिले तक ट्रेन संचालन शुरू हो गया। करीब 37 किलोमीटर में भिंड से इटावा तक ट्रेन संचालन आज तक शुरू नहीं हो पाया। इटावा से भिंड के बीच निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। शुक्रवार को डीआरएम झांसी अशोक कुमार अग्रवाल ने अफसरों की टीम के साथ स्पेशल ट्रेन से भिंड से लेकर इटावा तक रेलवे लाइन का निरीक्षण किया।
इस दौरान उन्होंने चंबल पुल और यमुना पुल के साथ उदी रेलवे स्टेशन का निरीक्षण किया। उन्होंने चंबल पुल के क्षतिग्रस्त पिलर पी-6 को भी चेक किया। उदी रेलवे स्टेशन पर उन्होंने संचालन की पूरी जानकारी साथ चल रहे अफसरों से ली।
दोपहर करीब तीन बजे निरीक्षण करते हुए डीआरएम स्पेशल ट्रेन से इटावा तक पहुंचे। करीब आधा घंटा रुकने के बाद वह स्पेशल ट्रेन से भिंड होते हुए झांसी के लिए रवाना हो गए। पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहाकि दो-तीन दिन में इस रूट पर मालगाड़ी का संचालन शुरू करा दिया जाएगा।
उन्होंन कहा कि अभी इस रूट पर इटावा-भिंड के बीच उदी स्टेशन के साथ गेटों पर स्टाफ की तैनाती नहीं हो पाई है। स्टाफ होता तो संचालन आज से ही शुरू कर देते। भिंड सहित अन्य स्टेशनों से स्टाफ की व्यवस्था कराकर दो-तीन दिन में मालगाड़ियों का संचालन शुरू कर दिया जाएगा।
एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि पैसेंजर ट्रेन का संचालन शुरू कराना उनके कार्य क्षेत्र में नहीं है। पैसेंजन ट्रेन का संचालन सीआरएस द्वारा हरी झंडी दिए जाने पर ही शुरू हो सकेगा। पैसेंजर ट्रेन का संचालन कब से शुरू हो सकता है। इस पर भी वह कोई स्पष्ट जवाब नहीं दे सके। निरीक्षण के वक्त उनके साथ वरिष्ठ मंडल परिचालन प्रबंधक अनुराग पटेरिया सहित झांसी मंडल के अधिकारी व निर्माण कार्य से जुड़े सभी अधिकारी उपस्थित रहे।