इटावा। उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल उप्र की जिला इकाई ने बुधवार को डीएम को संबोधित ज्ञापन एडीएम जयप्रकाश को सौंपा। इसमें आरोप लगाया गया है कि आधी-अधूरी तैयारी के साथ सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध लगाया जा रहा है। प्रशासन पहले प्रतिबंधित पॉलिथीन की सूची स्पष्ट करे फिर प्रतिबंध लगाए। ऐसे ही सख्ती करने से छोटे व्यापारियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा।
जिलाध्यक्ष आलोक दीक्षित ने कहा दूध, पानी, नमकीन के पैकेट, कोल्ड ड्रिंक, डबल रोटी, मोबाइल, इनवर्टर-बैटरी, कार एसेसरीज समेत एक लाख से अधिक वस्तुएं पॉलिथीन में पैक होकर आती हैं। पहले इनकी पैकिंग पर रोक लगाई जानी चाहिए। फुटकर व्यापारियों का पॉलिथीन में योगदान सिर्फ पांच से सात प्रतिशत है। 95 प्रतिशत पॉलिथीन का प्रयोग बड़ी कंपनियां अपने सामान की पैकिंग में कर रहीं हैं।
संगठन ने डीएम से मांग की है जब तक प्लांटो (फैक्ट्रियों) से सिंगल यूज प्लास्टिक बनाना प्रतिबंधित नहीं किया जाता, तब तक छोटे दुकानदारों से पॉलिथीन जब्त करने की कार्रवाई न की जाए। ज्ञापन देने वालों में शहर अध्यक्ष रजत जैन,युवा जिलाध्यक्ष पावेंद्र शर्मा, युवा शहर अध्यक्ष शीबू तौकीर, महिला जिला महामंत्री अनीता शर्मा, महिला शहर अध्यक्ष किरन सोनी, उद्योग मंच अध्यक्ष भारतेंद्र नाथ भारद्वाज आदि शामिल रहे।
रिसाइक्लिंग की व्यवस्था की जाए
जिलाध्यक्ष ने कहा कि पाबंदी के बजाए पॉलिथीन व सिंगल यूज प्लास्टिक की रिसाइक्लिंग की व्यवस्था होनी चाहिए। कूड़े से पॉलिथीन व प्लास्टिक इकट्ठा कर सड़क निर्माण जैसे क्षेत्रों में इस्तेमाल की संभावनाएं तलाशी जानी चाहिए। जिससे प्लास्टिक का इस्तेमाल भी हो जाए और पर्यावरण को नुकसान भी न पहुंचे।