इटावा। एडिशनल डिस्ट्रिक्ट कोर्ट ने जिम में घुसकर मारपीट और फायरिंग करने के आरोपी निपेंद्र सिंह की जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। अदालत ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए यह फैसला सुनाया।
आठ नवंबर 2025 को शाम लगभग साढ़े छह बजे उदी मोड़ बाह रोड पर स्थित एक नए जिम में कुछ लोगों ने हमला कर दिया था। इस मामले में बढ़पुरा थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। पीड़ित पक्ष राजेश कुमार सिंह के अनुसार उनके पुत्रों अंकित, विपिन और उत्तम ने अंकित पोरवार के साथ मिलकर जिम खोला था।
इसको लेकर रंजिश चल रही थी। इसी रंजिश के चलते गब्बर सिंह, ध्रुव सिंह, सुधीर सिंह और निपेंद्र सिंह सहित कई अन्य लोग दो गाड़ियों में हथियारों के साथ जिम में घुस आए थे। आरोप है कि उन्होंने गाली-गलौज की और विरोध करने पर बेटों को बुरी तरह पीटा। गब्बर सिंह ने जान से मारने की नीयत से फायरिंग भी की थी।
इस हमले में उत्तम सिंह के सिर पर गंभीर चोटें आईं, विपिन कुमार का हाथ दो जगह से टूट गया और अंकित के सिर पर भी घाव हुए। निपेंद्र सिंह के वकील ने उसे रंजिश में फंसाए जाने की दलील दी थी। हालांकि, प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश ने केस डायरी और मेडिकल रिपोर्ट का अवलोकन किया।
कोर्ट ने पाया कि घायलों के बयानों में निपेंद्र की ओर से लाठी से मारपीट करने का स्पष्ट उल्लेख है। घटना में तीन लोगों को शरीर के नाजुक अंगों पर गंभीर चोटें पहुंचीं, जिससे आम जनता में दहशत का माहौल बना। अपराध की प्रकृति को अति-गंभीर मानते हुए कोर्ट ने निपेंद्र सिंह को जमानत देने से इन्कार कर दिया।