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आजाद नगर पर मंडरा रहा डायरिया का खतरा

Tue, 14 Apr 2015 11:33 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, इटावा
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शहर की आजाद नगर नई बस्ती के लोग नारकीय हालात में रहने को मजबूर हैं। गलियों से पानी निकलने का साधन नहीं है। गंदा पानी गलियों में भरा है। इसी से लोगों को आना-जाना होता है। गंदगी के बीच ही बच्चे खेलते रहते हैं। गर्मी में हालात ऐसे रहे तो लोग डायरिया के शिकार हो सकते हैं।
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आजाद नगर नई बस्ती काफी पुरानी है। इस मोहल्ले में ज्यादातर मुस्लिम आबादी है। बस्ती में कारी सरफराज आलम ने लोगों से चंदा लेकर मस्जिद की तामीर कराई है। उन्होंने बस्ती के बच्चों की तालीम के लिए मदरसा भी खोला है। बस्ती की एक कच्ची गली में गड्ढों में गंदा पानी भरा है।

वहां से इतनी बदबू उठती रहती है कि कुछ पल ठहरना मुश्किल हो जाता है लेकिन उसी बस्ती में लोग रहने को मजबूर हैं। गली खोदकर नाली बना दी गई है। उसी में गंदा पानी भर गया है। गंदगी की वजह से बस्ती में मच्छर भी बढ़ गए हैं।
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खाली प्लाट में कूड़ा भरा है। लोगों का कहना है कि कई बार अफसरों से शिकायत की गई लेकिन अभी तक कोई सुधार नहीं हुआ। पालिका अध्यक्ष कुलदीप गुप्ता संटू का कहना है कि जल्दी ही बस्ती की हालात में सुधार किया जाएगा।

मदरसा गौसिया तजमीदुल कुरान के प्रबंधक कारी सरफराज आलम ने कहा कि बस्ती में हर तरह के लोग रहते हैं। आधे मोहल्ले की तो हालत ठीक है लेकिन कुछ इलाकों की हालत बहुत दयनीय है। लोग गंदगी के बीच रहने को मजबूर हैं। प्रशासन से यही मांग है कि बस्ती की नालियां बनाई जाएं।
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