इटावा। आंवला नवमी पर कंपनी गार्डन में सुहागिनों ने आंवला के पेड़ की पूजा की। सुहाग की सामग्री अर्पित कर मीठी पूड़ी और गुलगुला अर्पित किए। घी के दीये से आरती की और पेड़ के तने में कच्चा सूत लपेटकर परिक्रमा की। महिलाओं ने परिवार में सुख समृद्धि व लोगों के निरोगी रहने की प्रार्थना की।
सिविल लाइन निवासी मालती देवी ने बताया कि मान्यता के अनुसार आंवला के पेड़ में भगवान विष्णु का वास माना जाता है। कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की नवमी को इच्छा नवमी भी कहते हैं। मनोकामना के लिए आंवला के पेड़ की जड़ में विधि विधान से पूजा की जाती है। अर्पित सामग्री का प्रसाद के रूप में पेड़ की छांव में बैठकर सेवन किया।
उधर बकेवर के गोपाल मंदिर में महिलाओं ने पूजा की। बताया कि आंवला कई रोगों की राम बाण दवा है। यह मनुष्य के शरीर को निरोगी बनाता है।
जसवंतनगर में होमगंज, कोठी कैस्त, लधुपुरा, रेलमंडी, जैनमोहल्ला समेत अन्य क्षेत्रों में महिलाओं ने आंवले पेड़ के तने में जल चढ़ाकर फूल, हल्दी-चावल, कुमकुम, सिंदूर सामग्री अर्पित की।