स्टेशन मास्टर के कक्ष में रखा ब्लाक इंस्ट्रूमेंट।
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रेलवे ने इटावा-भिंड व इटावा-बाह-वटेश्वर लाइन पर ट्रेनों का संचालन शुरू करने के बाद मैनपुरी लाइन क ो पूरा कर ट्रेनें दौड़ाने के लिए कार्य तेज कर दिया है। इसको लेकर बुधवार को इटावा स्टेशन के एसएम कार्यालय में ब्लाक इंस्ट्रूमेंट पहुंचा दिया गया। इसे जल्द ही स्थापित कर ट्रेनों के संचालन की व्यवस्था को पूरा कर लिया जाएगा।
इटावा स्टेशन को जंक्शन का दर्जा भिंड व बाह वटेश्वर लाइन पर ट्रेनों के दौड़ने के साथ मिल गया है। स्टेशन पूरी तरह से जंक्शन तब बनेगा जब इटावा-मैनपुरी लाइन पर ट्रेनें दौड़ने लगेंगी। इस लाइन पर ट्रेनों के संचालन का इंतजार जनपद ही नहीं, आसपास के जिले के लोगों को भी है। वर्ष 2004 में तत्कालीन राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम व रेलमंत्री नीतिश कुमार ने इस लाइन की नीव रखी थी। 12 साल के लंबे इंतजार के बाद इस लाइन पर ट्रेनों के दौड़ने का समय निकट आ चुका है। अभी इटावा से लेकर मैनपुरी के बीच तैयार 55 किलोमीटर लंबे ट्रैक पर इंजन ट्रायल के अलावा मालगाड़ी दौड़ाने के परीक्षण हो चुके हैं।
यह ट्रायल सफल रहे हैं। रेल अधिकारी कई बार ट्रैक पर ट्राली निरीक्षण भी कर चुके हैं। ट्रैक पर सिगभनल व्यवस्था पूरी तरह से चौकस हो चुकी है। ट्रैक दिल्ली हावड़ा रेल मार्ग से कनेक्ट भी कर दिया गया है। अब ट्रैक पर कुछ एक परीक्षण के बाद रेल संरक्षा आयुक्त का दौरा होना शेष है। आयुक्त की हरी झंडी मिलने के साथ ही रेलवे को ट्रैक पर ट्रेनों के संचालन की अनुमति मिल जाएगी। इस दौरे से पूर्व रेलवे सभी व्यवस्थाओं को चौकस करने में जुटा है। एक दिन पहले मैनपुरी लाइन के लिए इटावा स्टेशन के स्टेशन मास्टर कक्ष में ब्लाक इंस्ट्रूमेंट पहुंचा दिया गया। जल्द ही इसके कनेक्शन पूरे कर लिए जाएंगे। इससे ट्रैक के क्लियर होने व लॉक होने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
यह है ब्लाक इंस्ट्रूमेंट का कार्य
इटावा। रेलवे अधिकारियों के अनुसार ब्लाक इंस्ट्रूमेंट हमेशा सिंगल लाइन ट्रैक पर लगाया जाता है। यह उपकरण लाइन क्लियरिंग का कार्य करता है। उपकरण की खास बात यह है कि इससे किसी एक ट्रेन को लाइन क्लियर दिए जाने पर उस ट्रैक पर तब तक दूसरी ट्रेन को लाइन क्लियर नहीं की जा सकती जब तक ट्रेन पास न हो जाए। यह उपकरण लाइन क्लियर दिए जाने के बाद आटोमेटिक तरीके से लॉक हो जाता है। इसके बाद ट्रेन के पास हो जाने के बाद ही इस पर किसी दूसरी ट्रेन को लाइन क्लियर दिया जा सकता है। इसका संचालन स्टेशन मास्टर कक्ष से होता है। सिंगल लाइन पर एक स्टेशन से दूसरे स्टेशन के बीच ट्रेनों के संचालन में इस उपकरण की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है।