सैफई मार्ग पर कुनैरा गांव के किनारे बन रहे नाले का काम रविवार को अफसरों ने तेजी से शुरू करवा दिया है। हालांकि उन्होंने लोगों के सहयोग न मिलने की बात कही है।
गौरतलब है कि शुक्रवार की रात से शुरू हुई बारिश का पानी खुले नाले से होकर सड़क तक भर गया था। इससे लोगों का घरों से निकलना दूभर हो गया था। करीब दो सैकड़ा लोगों के घरों में गंदा पानी भर गया था। खुदे नाले की चौड़ाई अधिक होने और उसमें पानी भरा होने से लोग घरों से नहीं निकल पा रहे थे। बच्चे भी स्कूल नहीं जा सके थे।
आक्रोशित लोगों ने शनिवार की सुबह सैफई मार्ग पर जाम लगा दिया। उनकी मांग थी कि नाले का निर्माण जल्द कराया जाए। सूचना पर अफसर मौके पर पहुंचे और उन्होंने नाले का निर्माण कराने वाले कंपनी के अधिकारियों को भी मौके पर बुलाया था।
लोगों के गुस्से को देखते हुए उन्होंने दो दिन में नाला बनवाने का आश्वासन दिया। इसके बाद लोग माने थे और जाम करीब चार घंटे के बाद खत्म हो सका था। रविवार को जेएसपी कंपनी के अधिकारियों ने मौके पर पहुंच कर सबसे पहले पंप से नाले में भरे पानी को निकलवाकर निर्माण का काम शुरू करा दिया।
सहायक अभियंता राकेश वर्मा ने बताया कि उनका प्रयास है कि नाले के निर्माण का काम जल्दी से पूरा हो लेकिन उन्हें लोगों का सहयोग नहीं मिल पा रहा। यदि लोगों से घरों का पानी बंद करने को कहा जाए तो वह पानी बंद नहीं करते जिससे परेशानी होती है। नाले के बीच में पेड़ खड़े हैं।
इससे भी निर्माण में रुकावट आ रही है। पेड़ कटने के लिए प्रशासन से अनुरोध किया गया लेकिन प्रशासन ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। प्रशासन व ग्रामीण रुकावटों को दूर कर दें तो नाले का निर्माण बहुत जल्द पूरा कर लिया जाएगा।
मकान गिरने से कई घायल
इटावा। बारिश से बीते चौबीस घंटे में मकानों के गिरने से कई लोग घायल हो गए। साथ ही मलबे में दबने से सामान भी बर्बाद हो गया।
पहली घटना बलरई थाना क्षेत्र के गांव नगला विशुन में हुई। राजीव का कच्चा मकान गिर गया। मलबे में दबने से उसकी पत्नी सावित्री देवी घायल हो गई। गांव के लोगों ने उसे बाहर निकाला। बाद में सावित्री को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। दूसरी घटना बसरेहर क्षेत्र के गांव अकबरपुर में हुई।
जहां एक कच्ची दीवार के गिरने से छप्पर में लेटे कृष्णमुरारी व उनके पुत्र यश को चोटें आईं। इसी प्रकार बकेवर थाना क्षेत्र के गांव कर्वा बुजुर्ग में मुकेश शर्मा पुत्र रामनरेश का कच्चा मकान गिर गया। गनीमत रही कि घर गिरने से पहले ही परिवार के लोग तो निकल गए थे। हालांकि सारा सामान मलबे में दबकर बर्बाद हो गया।
जसवंतनगर प्रतिनिधि के अनुसार, बारिश से एक मकान भर-भराकर गिर गया। उसमें रखा सामान मलबे में दब गया। गनीमत रही कि किसी की जान नहीं गई। ग्राम सिरहौल निवासी इंद्रवीर सिंह ने बताया कि बरसात में सुबह करीब 7 बजे सभी लोग कमरे में थे। अचानक अंदर के कमरे में मिट्टी की छत गिरने की आवाज आई।
डर के मारे सभी लोग बाहर निकल आए। इसी बीच दोनों कमरे की मिट्टी से बनी छत व गैलरी का लिंटर गिर गया। इसमें गृहस्थी का सामान टीवी, फ्रिज, पंखा आदि मलबे में दब गया। जानकारी मिलने पर एसडीएम हंसराज यादव ने मौका मुआयने के लिए राजस्व निरीक्षक बालेश्वर दयाल व लेखपाल सुधीर श्रीवास्तव को भेजा है।
उधर, बीरमपुर मलाजनी निवासी तेज सिंह शाक्य के मकान की कच्ची दीवार अचानक गिर गई। इससे सुदीप उर्फ जिलेदार (37) दबकर गंभीर रूप से घायल हो गया। उन्हें ग्रामीणों के सहयोग से जिला अस्पताल पहुंचाया गया।