- शहर के लुहन्ना चौराहे के पास स्थित ओम नवजीवन हॉस्पिटल में 26 अप्रैल की घटना
- कोर्ट के आदेश पर छह नामजद समेत 20-30 अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी
संवाद न्यूज एजेंसी
इटावा। शहर के लुहन्ना चौराहे के पास स्थित ओम नवजीवन हॉस्पिटल में रंगदारी न देने पर अस्पताल में तोड़फोड़, पथराव व मारपीट करने के मामले में पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर छह नामजद व 20-30 अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। आरोपी पक्ष भी डॉक्टर व स्टाफ के खिलाफ मारपीट की प्राथमिकी पहले ही दर्ज करा चुका है।
ओम नवजीवन के मैनेजर मनोज कुमार दिवाकर ने कोर्ट में प्रार्थना पत्र में बताया था कि ग्राम चौगान निवासी अनिल राजपूत अस्पताल के मालिक डॉ. शिवओम वर्मा से हर महीने रंगदारी वसूल रहा था। अप्रैल में जब डॉक्टर ने मांग पूरी करने से मना किया तो आरोपी रंजिश मान गया। आरोप है कि 25 अप्रैल की रात अनिल राजपूत शराब के नशे में धुत होकर अपनी कार से अस्पताल के बाहर खड़ी गाड़ी में टक्कर मार दी थी।
मनोज ने इसका विरोध किया था तो अनिल, शिवम राजपूत, राजकुमार और अर्जुन जातिसूचक गालियां देने लगे थे। अस्पताल के गार्ड और अन्य कर्मचारी बाहर आए तो आरोपियों ने फोन करके कई लोगों को बुला लिया था। आरोपियों ने अस्पताल का गेट तोड़ दिया और डॉक्टर को जिंदा जलाने की धमकी दी थी। आरोपियों ने ओपीडी में चिकित्सीय उपकरण तोड़ दिए और पथराव किया। मारपीट में मनोज और कर्मचारी कल्लू उर्फ सुरेश चंद्र को गंभीर चोटें आई थीं। डायल 112 पुलिस के आने पर आरोपी जान से मारने की धमकी देकर भाग गए थे।
कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने अनिल राजपूत, शिवम, राजकुमार, अर्जुन, सोनी, अनिल की पत्नी, नेत्रराम, राजू, कार चालक बहनोई और 20-30 अज्ञात लोगों के खिलाफ बलवा, मारपीट, तोड़फोड़, धमकी और एससी-एसटी एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। थानाध्यक्ष केके मिश्रा ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है । इस मामले की जांच सीओ सिटी को सौंपी गई है।