इटावा। सराफा एसोसिएशन के अध्यक्ष श्याम सिंह वर्मा ने तहसील चौराहा पर चल रहे क्रमिक अनशन स्थल पर पत्रकारों से बातचीत में कहा कि सोमवार को जिले के सभी बाजार बंद रहेंगे। उन्होंने कहा कि एक्साइज ड्यूटी के विरोध में सर्राफों के आंदोलन को अन्य व्यापार संगठनों ने भी समर्थन किया है। कहा कि काले कानून को समाप्त कराकर ही दम लेेंगे।
उन्होंने कहा कि वित्त मंत्री अरुण जेटली द्वारा पेश किए गए बजट में एक्साइज ड्यूटी बढ़ाने, स्टॉक की सही लिखा-पढ़ी न रखे जाने पर दुकान को सील करने, परिसंपत्तियों को जब्त करने, तीन माह से लेकर सात साल तक की सजा कर जेल भेजने पर पिछले 33 दिनों से सराफा कारोबारी अपने प्रतिष्ठान बंद कर हड़ताल पर हैं।
इस हड़ताल को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए अब व्यापार मंडल भी सराफा व्यवसाइयों के समर्थन में आगे आया है। उन्होंने सराफा हड़ताल से बेरोजगार हुए कारीगर, डाई वाले, छिलाई वाले, उजाल वाले, पालिश वाले, टंच वाले जिनकी संख्या इटावा जनपद में लगभग 8000 है के समर्थन में व्यापार संगठन से कपड़े, होजरी, लोहे, किराना, इलेक्ट्रिक मर्चेंट एसोसिएशन, हलवाई संघ व छोटे दुकनदार, सब्जी, रेहड़ी पटरी वाले सभी दुकनदारों से अपनी-अपनी दुकानें बंद कर व्यापारिक एकता को प्रदर्शित करने अपील की है।
पत्रकार वार्ता में महामंत्री ओमकार प्रसाद मथुरिया, जागेश्वर प्रसाद अग्रवाल , अनंत प्रताप अग्रवाल, सदाशिव श्रीवास्तव, मनीष जैन, शतमन्यु पुरवार, धर्मेंद्र जैन, प्रद्युम्न सिंह, मुन्ना बाबू सर्राफ , राजू टंच वाले, मनोज कुमार, मनोज केसरवानी, संतोष कुमार सोनी, अनिल सोनी, तरूण सिंह, आदि मौजूद रहे।
कस्बा बसरेहर के सराफा व्यवसायियों ने भी अब जिले के सराफा कारोबारियों के साथ आ गए हैं। अभी तक बाजार बंदी में शामिल न होने वाले बसरेहर के व्यापारी भी चार अप्रैल को बाजार बंदी के समर्थन में उतर आए हैं।
उल्लेखनीय है कि बाजार बंदी में सहयोग न करने पर जिला सराफा एसोसिएशन ने बसरेहर इकाई को जमकर फटकार लगाई थी। इसके बाद बसरेहर के व्यापारियाें ने भी सभी के साथ सुर में सुर मिलाना शुरू कर दिया।
कस्बा बसरेहर सराफा एसोसिएशन के अध्यक्ष बेचेलाल यादव ने कस्बे के सभी सराफा व्यवसायियोें से चार अप्रैल को अपनी दुकानें बंद रखने की अपील की है। उन्होंने बताया कि पांच अप्रैल को कस्बे में मशाल जुलूस निकाला जाएगा।
छह अप्रैल को सभी सराफा व्यवसायी जिलाधिकारी को ज्ञापन देंगे। सात अप्रैल को कस्बे में कैंडल मार्च व आठ अप्रैल को विरोध प्रदर्शन करते हुए केंद्रीय वित्त मंत्री के पुतले की अर्थी निकालेंगे। इसके बाद भी उनकी मांगे पूरी नहीं होती तो शांति यज्ञ कर सभी व्यापारी अपनी-अपनी दुकानों पर काले झंडे लगाएंगे।