इटावा। सैफई थाना क्षेत्र के पिड़ारी गांव में छह साल पहले जमीन के विवाद में हुई हत्या के मामले में कोर्ट ने दो भाइयों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। दोषियों पर 25-25 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया। अर्थदंड अदा न करने पर एक-एक वर्ष का कारावास भुगतना होगा। सभी सजाएं एक साथ चलेंगी। मामले में एक दोषी जिला जेल में पहले निरुद्ध है। सुनवाई के दौरान दोषियों के पिता के गोकुल सिंह की मौत हो गई। इसलिए उसके विरुद्ध दर्ज वाद अबेट किया गया।
जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) शिव कुमार शुक्ल ने बताया कि पिड़ारी गांव में घर के सामने जमीन के विवाद में एक अप्रैल 2015 को घनश्याम की फावड़े से हत्या कर दी गई थी। बीच-बचाव के दौरान गांव के रतीराम व विद्यादेवी घायल हो गए थे। दोनों का सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी में इलाज चला था। घनश्याम के बेटे सुरेंद्र सिंह की तहरीर पर गांव के गोकुल सिंह व उसके बेटे अनिव और संजीव के खिलाफ हत्या, हत्या का प्रयास मारपीट की रिपोर्ट सैफई थाने में दर्ज हुई थी।
विवेचक ने तीनों आरोपियों पर लगे आरोपों को सही पाया। तीनों के खिलाफ 17 नवंबर 2015 को आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल किया गया। मामले की सुनवाई जिला सत्र न्यायाधीश उमेश चंद्र शर्मा की अदालत में चल रही थी। न्यायाधीश ने सुनवाई के दौरान बचाव व वादी पक्ष की दलीलों को सुना। न्यायाधीश ने दोष सिद्ध होने पर अनिल कुमार और भाई संजीव कुमार को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। दोनों पर अर्थदंड भी लगाया गया।