इटावा। कोरोना संक्रमण के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए एक बार फिर कक्षा एक से आठवीं तक के स्कूल बंद हो गए। 23 दिन पहले ही शासन के निर्देश पर इन स्कूलों के करीब एक साल बाद ताले खुले थे। स्कूल बंद होने से निजी स्कूलों के संचालक व अभिभावक बच्चों की शिक्षा को लेकर परेशान नजर आ रहे हैं।
प्रदेश के कई जिलों में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इसके मद्देनजर प्रदेश सरकार ने बुधवार से सभी परिषदीय विद्यालय बंद कर दिए। साथ ही बच्चों को बिना परीक्षा कराए ही अगली कक्षा में प्रोन्नत भी करने के निर्देश दिए हैं। वर्ष 2020 के बाद इस वर्ष भी बच्चों की पढ़ाई पर कोरोना के संकट मंडराने लगा है।
इधर, बुधवार से परिषदीय विद्यालयों में एक बार फिर से ताले लग गए। वहीं, उच्च प्राथमिक विद्यालय में भी मात्र 48 दिनों तक ही शिक्षण कार्य हो सका। हालांकि, अभी स्कूल 31 मार्च तक के लिए ही बंद हुए हैं, लेकिन स्कूल अप्रैल में भी खुल सकेंगे इसको लेकर भी संशय की स्थिति है।
जिले में 1238 प्राइमरी और जूनियर स्कूल 537 हैं। कुल 1775 स्कूल हैं, जो बेसिक शिक्षा विभाग के अधीन हैं। वहीं, कक्षा एक से आठवीं तक के करीब 1500 निजी स्कूल भी सरकार के आदेश के बाद बंद हो गए हैं।