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Etawah News: जांच से पहले बेदाग होने का हलफनामा, सवाल से पहले हस्ताक्षर

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इटावा। भदावरी भैंस एवं जमुनापारी बकरी खरीद में तीन माह पहले हुई लाखों रुपये की गड़बड़ी में तीन सदस्यीय टीम गठित की गई थी। बुधवार को चकरनगर क्षेत्र के छह पशुपालकों को पूछताछ के लिए राजकीय पशु अस्पताल स्थित भेड़ व बकरी प्रशिक्षण केंद्र में बुलाया गया। पशु पालकों का आरोप था कि टीम ने उनको कमरे में बुलाकर शपथ पत्र पर हस्ताक्षर करने का दबाव बनाया। पशुपालकों ने हस्ताक्षर करने से इन्कार करते हुए दूसरे विभाग से जांच करवाने की मांग डीएम से की है।
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चकरनगर क्षेत्र के पशुपालकों को बुधवार दोपहर राजकीय पशु अस्पताल स्थित भेड़ व बकरी प्रशिक्षण केंद्र में बुलाया गया था। दोपहर एक बजे अलग-अलग गांव से छह पशु पालक पहुंचे। इस दौरान तीन सदस्यीय टीम में शामिल भरथना के डिप्टी सीवीओ डॉ. वीएस वर्मा, सैफई के डिप्टी सीवीओ डॉ. प्रणवेंद्र व जसवंतनगर के डिप्टी सीवीओ डॉ. चंद्रपाल ने पशु पालकों को एक-एक करके कमरे में बुलाया। चकरनगर के नगला मथुरा निवासी पशु पालक वीरेंद्र सिंह ने बताया कि उन लोगाें से जमुनापारी बकरी खरीद में रुपये के लेनदेन के संबंध में कुछ भी नहीं पूछा गया। उन्हें एक शपथ पत्र दिया गया, जिसमें लिखा था कि बकरी खरीद में हुई किसी गड़बड़ी के संबंध में उन्हें कोई शिकायत नहीं है। अधिकारियों ने शपथपत्र पर हस्ताक्षर करने का दबाव बनाया तो पशुपालकों ने ऐसा करने से मना कर दिया। पशुपालकों ने कहा कि विभागीय टीम बकरी खरीद में हुई गड़बड़ी में जिम्मेदारों को बचाने का प्रयास कर रही है। इस मौके पर पशुपालक रम्पुरा के अखिलेख, नगला चौक के शिवसिंह, इमलिया के राजवीर, नगला मथुरी के वीरेंद्र सिंह व उर्वरेद्र सिंह मौजूद रहे।
वर्जन
तीन सदस्यीय टीम ने पशुपालकों को पूछताछ के लिए बुलाया था। इसमें पशुपालकों से बकरी खरीद के बारे में अगर पूछताछ नहीं हुई है तो पूछा जाएगा। अगर जरूरत पड़ी तो उन्हें दोबारा बुलाया जाएगा। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। -डॉ. धर्मेंद्र सिंह, सीवीओ
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