‘न तो किसी को अपना एटीएम कोड बताएं और न ही किसी के झांसे में आकर अपना रुपया उसके खाते में जमा करें।’ आम लोगों को यह सलाह एसएसपी मंजिल सैनी ने समीक्षा बैठक में दी।
कैंप कार्यालय में क्राइम ब्रांच की विवेचनाओं की समीक्षा में उन्होंने पाया कि साइबर क्राइम से संबंधित कुल बीस अभियोग विवेचनाधीन हैं। इनमें आठ अभियोग थाना सिविल लाइन से संबंधित हैं। बाकी छह अभियोग थाना कोतवाली, थाना ऊसराहार व सैफई में दो-दो और बलरई व भरथना में एक-एक अभियोग लंबित है।
इन मामलों की चल रही विवेचनाओं की समीक्षा पर एसएसपी ने पाया कि विवेचकों ने इनके पर्दाफाश करने में विशेष रुचि नहीं ली। इसी से मामलों का खुलासा अब तक नहीं हो सका है।
एटीएम अथवा अन्य तरीकों से धोखाधड़ी करके लाखों रुपये निकाल लेने को गंभीरता से लेते हुए एसएसपी ने विवेचकों और साइबर ऑफीसरों से धोखाधड़ी करने वाले अपराधियों तक पहुंचने के लिए कड़ी मेहनत करके तथा रुचि लेकर उनके पते और ठिकानों की जानकारी कर उनकी गिरफ्तारी करने के निर्देश दिए।
बैठक में विनय सिंह चौहान सीओ जसवंतनगर सहित विवेचक निरीक्षक हरवीर सिंह, निरीक्षक जयराम सिंह एवं एसआई नासिर हुसैन, निरीक्षक देवेंद्र सिंह वाचक-एसएसपी एवं साइबर ऑफीसर मनोज व राहुल यादव आदि मौजूद रहे।