परीक्षा देकर घर लौट रहे साइकिल सवार छात्र को ट्रैक्टर ने टक्कर मार दी। इससे असंतुलित हुई ट्राली पलट गई और उस पर लदी सरिया छात्र के ऊपर आ गिरी। सरियों के नीचे दबने से छात्र की मौके पर ही मौत हो गई। सूचना के काफी देर बाद तक पुलिस के न पहुंचने से लोगों ने बवाल शुरू कर दिया।
उन्होंने हाइवे पर जाम लगाया, साथ ही कालेज में घुसकर पथराव किया और वहां खड़ी प्रबंधक की कार क्षतिग्रस्त कर दी। बाद में अधिकारी मौके पर पहुंचे और लोगों को समझा बुझाकर बवाल शांत कराया। करीब पौने दो घंटे बाद आगरा-कानपुर हाइवे पर जाम खुल सका। हादसा, शनिवार को इकदिल थाना क्षेत्र में हाइवे पर मानियांमऊ गांव के पास स्थित आरएस डिग्री कालेज के पास हुआ।
लवेदी थाना क्षेत्र के गांव इंगुर्री निवासी विजय बहादुर तोमर का 20 वर्षीय पुत्र निर्मल आरएस डिग्री कालेज मनियांमऊ में बीए द्वितीय वर्ष का छात्र था। शनिवार को वह शाम की पाली में परीक्षा देने आया था। परीक्षा छूटने के बाद शाम करीब 5 बजे साइकिल से गांव लौट रहा था।
कालेज से करीब सौ कदम दूर बकेवर की ओर से सरिया लादकर आ रहे ट्रैक्टर ने छात्र की साइकिल में टक्कर मार दी। टक्कर लगने के बाद ट्रैक्टर असंतुलित हो गया और सरिया से भरी ट्राली पलट गई। सरियों के नीचे दबने से छात्र की मौके पर ही मौत हो गई।
चालक ट्रैक्टर छोड़कर भाग निकला। जानकारी पाकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। सूचना के एक घंटे बाद तक पुलिस मौके पर नहीं पहुंची। इस बीच छात्र के परिजन और अन्य ग्रामीण भी मौके पर पहुंच गए।
पुलिस के न पहुंचने से लोगों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। उन्होंने हाइवे पर जाम लगा दिया। लोगों का आरोप था कि घटना के बाद कालेज का स्टॉफ भी बाहर नहीं आया। इससे गुस्साए लोगों ने कालेज में घुसकर पथराव किया और कैंपस में खड़ी प्रबंधक आनंद त्रिपाठी की इनोवा कार के शीशे तोड़ दिए। भीड़ ने हाइवे पर जाम में फंसे वाहनों पर भी पथराव किया। इसके साथ ही ट्रैक्टर में आग लगाने की कोशिश की।
बवाल की सूचना मिलने पर सीओ सिटी सिद्धार्थ वर्मा फोर्स लेकर पहुंचे। वहां से गुजर रहे एसडीएम चकरनगर प्रमोद तिवारी, एसडीएम भरथना अशोक कुमार मौर्या भी मौके पर पहुंचे और उन्होंने आक्रोशित लोगों को समझा बुझाकर शांत किया।
माहौल को बिगड़ता देख सिविल लाइन, लवेदी, बसरेहर, बकेवर सहित अन्य थानों का फोर्स मौके पर पहुंचा। अधिकारियों की करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद आक्रोशित लोगों ने जाम खोला। हाइवे पर करीब पांच बजे लगा जाम शाम सात बजे खुल सका। मृतक के परिजन मुआवजा दिए जाने की मांग भी कर रहे थे। अधिकारियों ने मुआवजा दिलाए जाने का भी आश्वासन दिया।
एएसपी सर्वानंद यादव ने बताया कि दुर्घटना में छात्र की मौत से आक्रोशित लोगों ने जाम लगा दिया था। लोगों का कहना था कि कालेज पास होते हुए भी स्टॉफ मौके पर नहीं पहुंचा। बाद में लोगों को समझा बुझाकर जाम खुलवा दिया गया।
छात्र के परिजन इस उम्मीद में थे कि वह पढ़ लिखकर बुढ़ापे में उनका सहारा बनेगा, लेकिन हादसे में उसकी मौत ने परिजनों को झंझोड़ कर रख दिया। इकलौते बेटे का शव देखकर परिजन बेहाल हो गए और हाइवे पर ही बैठकर दहाड़ मारकर रोने लगे। यह देख लोगों की आंखें भी भर आईं। लोग बेसुध हुए परिजनों को ढांढस बंधाते रहे।