पुलिस के साथ आग बुझाने में लगे पेट्रोल पंप कर्मी
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इटावा। पेट्रोल पंप के एक कमरे में खाना बनाते वक्त बुधवार सुबह एक रसोई गैस सिलिंडर धमाके साथ फट गया। एक कर्मचारी भी झुलस गया। गनीमत रही कि आसपास के लोगों ने किसी तरह आग पर काबू पा लिया। आग डीजल और पंप तक पहुंची तो हादसा विकट हो सकता था। पुलिस घटना की जांच कर रही है।
ऊसराहार-बिधूना मार्ग पर मालती देवी फिलिंग स्टेशन के नाम से पेट्रोल पंप है। इसके एक कमरे में बुधवार की सुबह पंप कर्मचारी खाना बना रहे थे। उन्होंने घरेलू रसोई गैस सिलिंडर से जुड़े चूल्हे पर सब्जी बनने के लिए रख दी और बंद करके पेट्रोल पंप पर काम में लग गए।
किसी तरह सिलिंडर में आग लग गई। कमरे से लपटें देख रामू नाम के कर्मचारी ने दरवाजा खोला। आग के भभके से वह झुलस गया। कमरे के अंदर ही डीजल से भरा एक ड्रम रखा था। डीजल के संपर्क में आते ही आग और विकराल हो गई। इसी दौरान एक जोरदार धमाके के साथ सिलिंडर फट गया।
आसपास मौजूद लोगों ने किसी तरह हिम्मत दिखाते हुए सबमर्सिबल पंप चलाकर आग पर काबू पाया। कुछ लोगों ने फायर उपकरण की मदद से आग को बढ़ने से रोका। आग से कमरे में रखा सामान जलकर नष्ट हो गया। गनीमत रही कि आग कमरे तक सीमित रही। यदि यह पेट्रोल व डीजल के टैंकों तक पहुंच जाती तो हादसा बेहद भयानक होता।
आग की इस खबर सुनते ही आसपास के गांवों तमाम लोग मौके पर जमा हो गए। सूचना पर ऊसराहार थाना पुलिस मौके पर पहुंची। घटना के संबंध में पेट्रोल पंप कर्मी रामू ने बताया कि पंप मैनेजर जगपाल के पिता की मृत्यु हो गई है। इसलिए वे घर गए हुए हैं। खाना बनाते वक्त गैस सिलिंडर में आग लगने से यह हादसा हुआ है। ऊसराहार थानाध्यक्ष जितेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।
पेट्रोल पंप पर आग लगने की सूचना तत्काल फोन से फायरब्रिगेड को दे दी गई थी। इसके बाद भी एक घंटे बाद भी फायरब्रिगेड नहीं पहुंची। सैफई से ऊसराहार क्षेत्र तक फायरब्रिगेड की गाड़ी को पहुंचने में कम से कम एक घंटा का समय लगता है।
पेट्रोल पंप पर भी आग से बचाव के उपकरण अपडेट नहीं थे। मौके पर मौजूद चार फायर उपकरण में से दो में गैस ही नहीं थी। वह एक्सपायर हो चुके थे। इससे आग बुझाने में और अधिक समय लगा।