इटावा। कानपुर-इटावा हाईवे पर अर्जुननगर के सामने मंगलवार रात हादसे में छह लोगों की मौत के बाद अस्पताल से लेकर कस्बे तक पुलिस की भूमिका पर सवाल उठते रहे। गुस्साए ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस अगर समय से सक्रिय हो जाती तो कई जिंदगी बचाई जा सकती थीं।
मंगलवार रात करीब 9:15 बजे हादसा हुआ और मौके पर पुलिस की आमद करीब 10:15 बजे हुई। पुलिस को पिकअप चला रहे राजेश यादव और पिकअप सवार योगेश हाईवे पर पड़े नजर आए। पुलिस दोनों को लेकर जिला अस्पताल पहुंच गई। यह जानने की कोशिश नहीं कि हादसे की चपेट में आई पिकअप कहां है। हाईवे से करीब 20 फीट नीचे पिकअप पानी से भरे प्लाट में पड़ी थी और उसमें सवार चार पांच व्यापारी जख्मी हालत में जिंदगी के लिए संघर्ष कर रहे थे।
अस्पताल में पिकअप चला रहे राजेश यादव की मौके पर ही मौत हो जाने की जानकारी चिकित्सकों ने दी। योगेश को सैफई रेफर कर दिया। पुलिस ने रात करीब 10:30 बजे राजेश और योगेश के परिजनों को हादसे की जानकारी दी। इन दोनों के घर से हादसे की सूचना अन्य व्यापारियों के घर तक पहुंची। आनन-फानन व्यापारी परिवारों के लोग अस्पताल पहुंचे। वहां अपनों को न पाकर मौके का रुख किया। व्यापारी परिवार के खेम सिंह, सर्वेश, सुधीर और मोहल्ला निवासी मोनू कठेरिया आदि दुर्घटनास्थल पर पहुंचे और पानी में लापता लोगों की खोजबीन शुरू की।
इस बीच होश में आए इलाज के दौरान योगेश ने बाकी साथियों की हालत पूछी तो पुलिस ने मौके पर वापसी की। पानी से पिकअप निकालने और व्यापारियों को तलाशने की प्रक्रिया शुरू की। व्यापारियों के घर वालों का कहना है कि तब तक वे लोग पानी अपनों को तलाशने में जुट चुके थे। लोगों का कहना है कि अपने प्रयासों से रात करीब 12 बजे पांचों के शव निकाल लिए थे। पुलिस ने शवों को अस्पताल पहुंचवाया। हालांकि पुलिस का दावा है कि उसके द्वारा भोर में पांच बजे शव निकाले जा सके।
एएसपी रामयश सिंह का कहना है कि हादसे की जानकारी के तत्काल बाद से पुलिस ने पूरी तेजी पकड़ी। हादसा स्थल पर गहरा अंधेरा था। पानी भरा था। हाईवे से 20 फीट नीचे गहराई के स्थान पर जमीन ऊंची नीची होने से पुलिस को राहत और मदद में चुनौतियों का सामना पड़ा। फिर भी गंभीरता से जुटकर सभी शव निकाले गए। पिकअप पानी से निकलवाकर और हादसे का कारण बने ट्रक को हटवाकर हाईवे पर यातायात चालू कराया गया।
अधिकारी पहुंचे मृतकों के घर, ढांढस बंधाया
एसडीएम इंद्रजीत सिंह गांव पहुंचे और घायल योगेश का हाल लिया। उन्होंने मृतकों के परिवार के लोगों को भी ढांढस बंधाया। पोस्टमार्टम के बाद शव पहुंचने पर एएसपी ग्रामीण ओमवीर सिंह, एडीएम ज्ञानप्रकाश श्रीवास्तव बकेवर थाना पुलिस के साथ पहुंचे थे। कस्बे में कई जगह पुलिस मुस्तैद रही। भरथना थाना प्रभारी बलराज शाही, चकरनगर राजेश सिंह, भरेह, बिठौली थाना प्रभारी मुस्तैद रहे।
इससे पूर्व हादसे की जानकारी मिलते ही मंगलवार रात में ही एसएसपी आकाश तोमर, एएसपी रामयश सिंह मौके पर पहुंचे। मदद में तेजी के निर्देश दिए।
मदद के लिए लेखपालों ने जुटाए कागजात
हादसे में मृतक पिकअप चालक और सब्जी विक्रेताओं के परिवार के लोगों को मुख्यमंत्री ने दो-दो लाख और घायल योगेश को 50 हजार रुपये आर्थिक सहायता देने की घोषणा की। इसके बाद कानूनगो दिनेश चंद्र मिश्रा, लेखपाल आशीष कुमार शर्मा के साथ मृतकों के घर पहुंच गए। सभी के आधार कार्ड, बैंक खाता संख्या, परिवार के सदस्यों का विवरण आदि जुटाया।