इटावा। उमस भरी गर्मी के बीच लोग राहत पाने के लिए जमकर एसी का उपयोग कर रहे हैं। ऐसे में 22 और 24 डिग्री पर एसी चलाने वाले मधुमेह, फेफड़े, किडनी और लिवर के मरीजों को संक्रमण चपेट में ले रहा है। इससे उनकी सांस फूल रही है। जिला अस्पताल में प्रतिदिन ऐसे मरीजों की संख्या बढ़ रही है। डॉक्टरों ने एसी 25 डिग्री पर चलाने की सलाह दी है।
मौसम लगातार बदल रहा है। छह दिन में आठ डिग्री तापमान बढ़ने से लोग फिर बेहाल होने लगे हैं। उमस भरी गर्मी के बीच कूलर फेल हो चुके हैं। ऐसे में राहत पाने के लिए लोग एसी का अधिक उपयोग कर रहे हैं। वह उनसे गर्मी से बचाने के साथ बीमार भी कर रहा है। जिला अस्पताल में प्रतिदिन ऐसे मरीजों की संख्या बढ़ रही है। मंगलवार को ओपीडी में 1109 मरीज दिखाने के लिए आए। इनमें से लगभग 20 प्रतिशत मरीज सांस फूलने के रहे।
जिला अस्पताल के डॉ. शांतनु ने बताया कि गर्मी से राहत पाने के लिए इस समय लोग चिल्ड एसी चला रहे हैं। ऐसे में पहले से बीमार मरीजों में सांस फूलने की दिक्कत हो रही है। यह दिक्कत इसलिए हो रही है कि क्योंकि ज्यादा देर ठंडक में रहने से संक्रमण प्रभावी होने लगता है। इससे निमोनिया तक की स्थिति हो सकती है। उन्होंने बताया कि मधुमेह, फेफड़ों, किडनी या लिवर की समस्या जिन मरीजों को पहले रहती है वह तो ज्यादा ठंडे में रहे ही नहीं। सामान्य लोग भी 25 या उससे ऊपर डिग्री से एसी चलाएं।