सैफई। जनपद मैनपुरी थाना किशनी के रामनगर गांव में गोली लगने से घायल सैफई के युवक की शुक्रवार देर रात इलाज के दौरान पीजीआई में मौत हो गई। परिजनों ने सैफई पीजीआई में प्रशासन से मामले में कार्रवाई व मृतक के पत्नी को सरकारी जमीन देने की मांग की।
सैफई के गींजा गांव निवासी रामानंद शाक्य का बेटा अनुज (22) आठ मार्च को पिकअप से साथियों के साथ सिंगी रामपुर कांवर लेकर जा रहा था। तभी जनपद मैनपुरी के किशनी थाना क्षेत्र के ग्राम रामनगर डेरी के पास पिकअप चालक व ट्रैक्टर चालक के बीच ओवरटेक के प्रयास में मारपीट हो गई। इसी बीच ट्रैक्टर सवार लोगों ने फायरिंग की। गोली अनुज के सिर में लगने से वह घायल हो गया था। परिजनों का आरोप है कि घटनास्थल के करीब 30 मीटर की दूरी पर खड़े पुलिस कर्मी मूकदर्शक बने रहे।
अपना फर्ज निभाना उचित नहीं समझा। साथी घायल को लेकर किशनी सीएचसी ले गए, जहां से उसे सैफई रेफर किया गया। यहां शुक्रवार देर रात युवक की मौत हो गई। मृतक के पिता रामानंद ने बताया कि बेटी साल पहले शादी हुई थी। उसकी पत्नी सुमनलता व तीन माह की बेटी है। दो बेटों की मौत के बाद अनुज ही सहारा था, यह कहकर वह फफक-फफक कर रो पड़े। मैनपुरी जिले के किशनी थाना प्रभारी अजीत कुमार ने बताया कि हत्या के प्रयास में कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज था, जिसे अब हत्या में तरमीम किया जाएगा। पुलिस हत्यारोपी की तलाश में जुटी हुई है।
30 मीटर दूरी पर खड़े रहे 112 डायल के पुलिस कर्मी
अनुज के साथी प्रमोद ने बताया कि घटनास्थल से करीब 30 मीटर दूरी पर 112 डायल की गाड़ी रही। हम लोग मदद के लिए बुलाते रहे चीखते-चिल्लाते रहे लेकिन पुलिस कर्मी मौके पर नहीं आए। अनुज को वह लोग करीब एक घंटे तक घेरे रहे, जिससे वह वहीं पर दर्द से तड़पता रहा। आरोपियों के जाने के बाद पुलिस घायल अनुज को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र किशनी लेकर गई थी। पुलिस समयानुसार आ जाती तो अनुज शायद हमारे बीच होता।