- सीवीओ ने तर्क दिया था कि जेडी समकक्ष हैं, वह जांच नहीं कर सकते
- एडी पशुपालन को भी मेल पर जानकारी देने का दावा, पर नहीं मिला जवाब
संवाद न्यूज एजेंसी
इटावा। उद्योग व्यापार मंडल के जिला उपाध्यक्ष ने भदावरी फार्म हाउस में बकरी खरीद, भूसा टेंडर, दूध और गोबर बिक्री में धांधली का आरोप लगाकर सीवीओ से एक माह पहले शिकायत की थी। इसके बावजूद जांच नहीं की गई। व्यापारी नेता के अनुसार सीवीओ ने यह कहकर तर्क दिया था कि भदावरी फार्म हाउस के संयुक्त निदेशक उनके समकक्ष हैं इसलिए वह इसकी जांच नहीं कर सकते हैं। इसकी जांच अन्य किसी उच्चाधिकारी से करवा ली जाए।
उद्योग व्यापार मंडल के जिला उपाध्यक्ष शैलेंद्र सिंह ने बताया कि उन्होंने छह जून को सीवीओ को शिकायती पत्र सौंपा था। इसमें आरोप लगाया कि एक से आठ मार्च 2026 के बीच भदावरी परिक्षेत्र के संयुक्त निदेशक डॉ. धर्मेंद्र मिश्रा व अन्य सदस्यों ने चकरनगर क्षेत्र से कमजोर यमुनापारी बकरा व बकरी सस्ते दर पर खरीदे थे लेकिन रिकॉर्ड में हेरफेर कर प्रति बकरी की कीमत 60 से 70 हजार रुपये और बकरे की कीमत 70 से 90 हजार रुपये दिखाकर उच्च स्तर पर बड़ा घोटाला किया गया। इसके अलावा फार्म हाउस में जानवरों के भूसा का टेंडर भी चहेतों को देकर वजन में हेराफेरी की गई है।
फार्म हाउस में भैंसों को नियम के मुताबिक दाना नहीं दिया जा रहा है जिससे वे कमजोर हो रही हैं और दूध उत्पादन घट रहा है। वहीं, जो दूध उत्पादित हो रहा है, उसमें स्टाफ की मिलीभगत से बड़े स्तर पर कालाबाजारी की जा रही है। जिला उपाध्यक्ष शैलेंद्र सिंह ने राजकीय भदावरी फार्म हाउस में गड़बड़ी की निष्पक्ष जांच कराकर दोषी अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ की मांग की थी। वहीं, सीवीओ डॉ. धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि संयुक्त निदेशक उनके पद के बराबर हैं। इसलिए वह इसकी जांच नहीं कर सकते हैं। इसकी अन्य बड़े अफसर से जांच करवाने की बात मैंने कही थी। व्यापारी शैलेंद्र सिंह ने बताया कि इसके बाद शिकायत एडी पशुपालन से भी ईमेल करके की गई थी लेकिन उनका अभी तक कोई जवाब नहीं आया है।भदावरी फार्म हाउस में पशुओं के बाड़े में मिली गंदगी, मृत पशुओं पर जताई चिंता
भदावरी फार्म हाउस में बाड़े में मिली गंदगी
-भदावरी भैंस व जमुनापारी बकरी प्रजनन प्रक्षेत्र का सीडीओ ने किया निरीक्षण
संवाद न्यूज एजेंसी
इटावा। सीडीओ ने गुरुवार को भदावरी भैंस एवं जमुनापारी बकरी प्रजनन प्रक्षेत्र का औचक स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान प्रक्षेत्र में गंदगी, पेयजल और जल निकासी को लेकर भारी कमियां पाई गईं। पशुओं की मौत के मामले को गंभीरता से लेते हुए सीडीओ ने प्रबंधन व्यवस्था पर कड़ी नाराजगी जताकर एक सप्ताह के भीतर कार्ययोजना तलब की है।
गुरुवार को सीडीओ अजय कुमार गौतम ने भदावरी भैंस एवं जमुनापारी बकरी प्रजनन प्रक्षेत्र का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान संयुक्त निदेशक धर्मेंद्र मिश्रा ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में प्रक्षेत्र में 50 बकरियां व 5 बकरे और वित्तीय वर्ष 2026-27 में 100 बकरियां व 10 बकरों की खरीद की गई थी। इसमें पिछले माह 38 बकरी-बकरों की मौत हो चुकी है। वर्तमान में प्रक्षेत्र में छोटे बच्चों समेत कुल 140 पशु ही शेष बचे हैं।
सीडीओ को पशुओं के पीने के लिए रखा गया पानी बेहद गंदा मिला। नालियों में गंदगी और कीचड़ के बीच जलभराव था तथा जल निकासी का कोई रास्ता नहीं था। मौके पर तैनात केयर-टेकर का कामकाज और रखरखाव भी संतोषजनक नहीं पाया गया। सीडीओ ने कहा कि सभी शेडों में बकरियों को वैज्ञानिक और संतुलित ढंग से अलग-अलग रखा जाए। उन्होंने संयुक्त निदेशक को एक सप्ताह के भीतर सभी कमियों को दूर करने के निर्देश दिए। इस मौके पर सीवीओ डॉ. धमेंद्र सिंह समेत अन्य अफसर मौजूद रहे।