फोटो 37: रैली निकालकर प्रदर्शन करते दवा व्यवसाई। स्रोत स्वयं
फोटो 38::::शास्त्री चौराहे पर बंद मेडिकल स्टोर। संवाद
ऑनलाइन दवा बिक्री पर लगे पूरी तरह से रोक
क्रासर
दवा व्यवसाइयों ने दुकाने बंद रख निकाली रैली, किया प्रदर्शन
संवाद न्यूज एजेंसी
इटावा। छोटे व मध्यम केमिस्टों के अस्तित्व को बचाने व दवाईयों की ऑनलाइन कंपनियों की डीप डिस्कांउट नीत के विरोध में केमिस्ट वेलफेयर एसोसिएशन की अगुवाई में दवा विक्रेताओं ने अपनी दुकानें बंद रखी। इसके साथ ही दवा व्यवसाइयों ने जागरूकता रैली भी निकाली। हड़ताल से लोगों को परेशान होना पड़ा। हालांकि हड़ताल के बाद हालांकि शाम को शास्त्री चौराहे पर स्थित अधिकांश दुकानें खुल गईं।
दवा व्यवसायी बुधवार को सुबह स्टेशन बजरिया पर एकत्र हुए और हाथों में तख्तियां लेकर कलैक्ट्रेट तक पैदल मार्च किया। इसके बाद कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन भी किया। एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल ने अतिरिक्त मजिस्ट्रेट को प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन भी दिया। ज्ञापन में एसोसिएशन ने कहा है कि ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट, 1940 एवं नियमावली 1945 में ऑनलाइन दवा बिक्री का कोई स्पष्ट कानूनी प्रावधान नहीं है। इसके बावजूद कॉर्पोरेट और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म वर्षों से अवैध रूप से दवाओं को बेच रहे हैं। जो कानून का उल्लंघन है। दवा व्यवसाईयों ने मांग की कि बिना सत्यापित ई-प्रिस्क्रिप्शन के दवाईयों की बिक्री रोकी जाए। ऑनलाइन कंपनियों की अंधाधुंध छूट की नीति से दवा व्यवसाईयों का रोजगार चौपट हो रहा है। दवा व्यापारियों ने मांग की है कि ऑनलाइन दवाओं को बढ़ावा देने वाले संशोधनों को तत्काल वापस लिया जाए। इनका कहना रहा कि यदि सरकार ने समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए,तो यह संकट केवल व्यापार तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि देश में एक बड़ा जनस्वास्थ्य संकट खड़ा हो जाएगा।
प्रदर्शन करने वालों में एसोसिएशन के अध्यक्ष अरुण कुमार वर्मा, जिला महासचिव मनु गुप्ता, उमाकांत जैन, नवीन मेहरोत्रा, ऋषभ अग्रवाल, गौरव कांत जैन, विशाल जैन, शशांक जैन, मोहित सिंह, शैलेन्द्र यादव, पिंकी जैन, शशांक दुबे, राजीव शर्मा, प्रशांत पाल आदि दवा व्यवसाई शामिल रहे।