-सीवीओ ने उच्चाधिकारियों के आदेश पर तीन डिप्टी सीएमओ को सौंपी जांच
-पांच दिन में जांच कर रिपोर्ट कार्यालय को देने के दिए हैं निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
इटावा। सीवीओ ने उच्चाधिकारियों के आदेश पर भदावरी फार्म हाउस में जमुनापारी बकरी खरीद फरोख्त में करीब 22 लाख रुपये की हुई गड़बड़ी के मामले में तीन सदस्यीय टीम गठित की है। इसमें भरथना, जसवंतनगर व सैफई के डिप्टी सीएमओ को जांच सौंपी गई है। टीम को पांच दिन में जांच कर कार्यालय को रिपोर्ट देने के आदेश दिए हैं।
अपर निदेशक पशु पालन ग्रेट-2 कानपुर मंडल डॉ. विजयवीर चंद्रयाल के आदेश पर मुख्य पशु चिकित्साधिकारी (सीवीओ) डॉ. धर्मेंद्र सिंह ने भदावरी भैंस एवं जमुनापारी बकरी प्रजनन प्रक्षेत्र में बकरी खरीद में लाखों रुपये की हुई गड़बड़ी में तीन सदस्यीय टीम गठित की है।
सीवीओ ने बताया कि भरथना के डिप्टी सीवीओ डॉ. वीएस वर्मा, सैफई के डिप्टी सीवीओ डॉ. प्रणवेंद्र व जसवंतनगर के डिप्टी सीवीओ डॉ. चंद्रपाल को जांच टीम में शामिल किया गया है। सभी अफसरों को पांच दिन में जांच कर कार्यालय को रिपोर्ट देने के आदेश दिए गए हैं।
सीवीओ ने बताया कि जांच रिपोर्ट आने के बाद जिम्मेदारों पर विभागीय कार्रवाई तय की जाएगी। बता दें कि भदावरी भैंस एवं जमुनापारी बकरी प्रजनन प्रक्षेत्र में बकरियों की नस्ल बढ़ाने के लिए एक मार्च 2026 को 100 जमुनापारी बकरियों व 10 बकरों की खरीद की गई थी। इसमें आरोप लगा था कि पशु मेले में बेहतर किस्म के बकरी व बकरों को चिह्नित तक उनकी टैगिंग की गई। इनको बकरी को 70 हजार जबकि बकरों को 80 हजार में खरीद दिखाई गई।
वहीं, पशुपालकों ने आरोप लगाया था कि पशु पालन विभाग से आरटीजीएस के माध्यम से भुगतान होने पर सभी से 20 रुपये की वसूली की गई। साथ ही टैगिंग किए जाने वाले बकरी-बकरी न खरीद कर उनसे कम दाम जमुनापारी बकरी ले ली गई।