जसवंतनगर/इटावा। देहात क्षेत्र से जुड़े जसवंतनगर, बसरेहर क्षेत्र के विद्युत संविदा कर्मियों ने बढ़े हुए वेतन को नियमित रूप से दिए जाने सहित कई मांगों को लेकर हड़ताल की। संविदा कर्मियों ने जसवंतनगर व बसरेहर क्षेत्र में स्थित सबस्टेशनों के जरिए बिजली आपूर्ति ठप कर दी और मुख्यालय स्थित एसई कार्यालय के सामने प्रदर्शन करते हुए धरना दिया। करीब दस घंटे बिजली गुल होने से आम लोगों को काफी परेशानियां उठानी पड़ी।
संविदा कर्मी विद्युत मजदूर एसोसिएशन ने पूर्व में ही अपनी मांगों के संदर्भ में एक ज्ञापन देकर चेतावनी दी थी कि यदि 30 जून से पहले उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो वह आपूर्ति ठप करके हड़ताल पर चले जाएंगे। उसी के तहत शनिवार की सुबह जसवंतनगर और बसरेहर क्षेत्र के संविदा कर्मियों ने अपने अपने क्षेत्रों में स्थित सब स्टेशनों से सुबह 7.50 बजे बिजली आपूर्ति ठप कर दी और हड़ताल पर चले गए।
हड़ताली संविदा कर्मियों ने एसई कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन किया और धरना दिया। संविदा कर्मियों का कहना था कि उनको नियमित रूप से वेतन नहीं दिया जा रहा है। जून सहित तीन माह का वेतन बकाया है। विभाग से उनका वेतन 6150 रुपए निर्धारित है लेकिन सिर्फ 3000 रुपए प्रतिमाह दिए जा रहे हैं। नियमानुसार उनका बीमा नहीं कराया गया है और न ही ईपीएफ जमा कराया जा रहा है। ठेकेदार व विभागीय अधिकारी उनका मिलकर शोषण कर रहे हैं।
संविदा कर्मियों की हड़ताल के चलते चौपुला, चौबिया, परासना, बसरेहर, जसवंतनगर, बलरई, जुगौरा, फतेहपुरा, सरायभूपत स्थित सब स्टेशनों के संबद्ध क्षेत्रों की बिजली आपूर्ति बाधित रही। पूरे दिन बिजली गुल होने के चलते इन क्षेत्रों के लोग भीषण गर्मी से बेहाल रहे। हड़ताली कर्मियों में यूनियन के अध्यक्ष महेंद्र सिंह, रामाधार सिंह, प्रमोदकुमार, बारेलाल, सत्यप्रकाश, खेलनसिंह, सर्वेश कुमार, बीरेंद्र, जितेंद्र कुमार, उपदेश, मुनींद्र, मलखान सिंह आदि शामिल रहे।
समझौता वार्ता के बाद देर शाम बहाल हुई बिजली
-हड़ताली कर्मियों और विद्युत ठेकेदारों की विभागीय प्रतिनिधि के साथ समझौता वार्ता हुई। काफी देर बाद ठेकेदारों ने संविदा कर्मियों से उनकी मांगों को पूरा करने के लिए दो माह का समय मांगा। लिखित समझौते में तय हुआ कि सभी संविदाकर्मियों का बीमा कराकर उसकी प्रति उपलब्ध करा दी जाएगी। वेतन का पूरा ब्यौरा अधिशाषी अभियंता द्वारा दिया जाएगा। संविदाकर्मियों को बढ़ा हुआ वेतन कमेटी से अनुमोदित होने के उपरांत जो तय होगा उसी के अनुरूप एक अप्रैल 2012 से एरियर दिया जाएगा। ईपीएफ जमा धनराशि कमेटी से अनुमोदित होने के उपरांत जो देय होगा उसकी के अनुरूप उनके खाते खुलवाकर जमा करा दिया जाएगा। समझौता के उपरांत शाम करीब छह बजे से बिजली आपूर्ति बहाल हुई।
ठेकेदार ने रुपए दिए तो भड़क उठे संविदा कर्मी
- हड़ताली कर्मियों के आंदोलन में उस समय खलल पैदा हुई जब एक ठेकेदार ने चाय पानी के लिए संविदा कर्मियों को एक हजार रुपए दिए। एक कर्मी ने जब रुपए ले लिए तो सभी संविदा कर्मी भड़क उठे और उस कर्मी को काफी खरी खोटी ही नहीं सुनाई वरन ठेकेदार के रुपए वापस करा दिए।