बकेवर (इटावा)। मौत से पहले बकेवर के छैय्या को जमकर पीटा गया था। पोस्टमार्टम में उसके शरीर पर कई जगह गहरी चोट के निशान मिले हैं। हालांकि मौत की वजह फांसी ही है। मामला हत्या और आत्महत्या के बीच उलझा था। बकेवर पुलिस लगातार इस मामले को आत्महत्या साबित करने में तुली थी, जबकि पीड़ित परिवार का आरोप था कि उसे फांसी पर लटकाया गया। पीड़ित परिवार ने एसएसपी से गुहार लगाई तब जाकर पांच दिन बाद आरोपियों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज हुई।
थाना क्षेत्र के ग्राम घुघसीना निवासी संदीप उर्फ छैय्या को मौत से पहले पीटा गया था। इस बात का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हुआ। इसमें मृतक के शरीर पर चोटों के निशान पाए गए हैं। हालांकि मौत का कारण गला दबना आया है। अब सवाल यह है कि मृतक के शरीर पर चोटों के निशान कैसे आए। एसएसपी के आदेश के बाद मृतक की मां लक्ष्मी देवी की तहरीर पर सोमवार की शाम को थाना पुलिस ने गांव के ही श्यामसुंदर पुत्र ओछेलाल, गौरव कुमार व अवधेश कुमार पुत्रगण रामनारायण व मुन्नालाल पुत्र मंशाराम के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया। मृतक की मां लक्ष्मी देवी ने कहा है कि सुबह की मारपीट के बाद जब से एसएसपी से मिलने इटावा आई थी तभी नामजदों ने छैय्या को घर से ले जाकर उसकी गला दबाकर हत्या कर दी, बाद में शव को पीपल के पेड़ पर फांसी के फंदे पर लटका दिया। गौरतलब है कि 2 मई की शाम को बकेवर थाना क्षेत्र के गांव निवासी संदीप उर्फ छैय्या (20) का शव गांव के बाहर पीपल के पेड़ पर लटका मिला था।