इटावा। लोक निर्माण विभाग के ऑफीसर्स हॉस्टल में साल भर से अधिक समय से मुफ्त की बिजली का आनंद ले रहे अधिकारियों को इन दिनों अंधेरे में रहना पड़ रहा है। दरअसल पीडब्ल्यूडी के नाम से लिए गए बिजली कनेक्शन को कटवा दिया गया है। अभी तक एसी आदि का मजा लेने वाले इन अफसरों अब अपने नाम से कनेक्शन लेना पड़ेगा। तभी वह बिजली का इस्तेमाल कर सकेंगे।
शहर में अधिकारियों के रहने के लिए दो इमारतें हैं। इनमें ट्रांजिट हॉस्टल काफी पुराना है जबकि ऑफीसर्स हॉस्टल को तैयार हुए एक वर्ष से कुछ अधिक हुआ है। इन दोनों हॉस्टल पीडब्ल्यूडी के हैं। मेंटीनेंस का जिम्मा पीडब्ल्यूडी निर्माण खंड एक के पास है। ट्रांजिट हॉस्टल का बिजली कनेक्शन गत वर्ष पीडब्ल्यूडी ने कटवा दिया था। अब आफीसर्स हॉस्टल का कनेक्शन कटवाया गया। दरअसल, इन हॉस्टलों में विभिन्न विभागों के अधिकारी रहते हैं, लेकिन बिजली का पेमेंट पीडब्ल्यूडी को करना पड़ता था। तकरीबन सभी अधिकारियों के यहां एसी भी लगे हुए हैं। पीडब्ल्यूडी अधिकारियों की मानें तो एक अधिकारी के यहां कम से कम 2500 रुपये की बिजली की खपत है। पीडब्ल्यूडी ने ट्रांजिट हॉस्टल में रह रहे अधिकारियों को ऑफर दिया था कि वह 1200 रुपये प्रतिमाह का भुगतान कर दें तो वह बिजली विभाग को पेमेंट करते रहेंगे।
उस समय अधिकारियों ने इसे स्वीकार नहीं किया। जिस पर पीडब्ल्यूडी ने विभाग के नाम से लगे बिजली कनेक्शन को ट्रांजिट हॉस्टल से कटवा दिया था। उसके बाद अधिकारियों को खुद अपने अपने नामों से कनेक्शन लेने पड़े थे। ऑफीसर्स हॉस्टल के अधिकारियों के साथ भी यहीं किया गया है। यहां से पीडब्ल्यूडी के नाम का बिजली कनेक्शन कटवा दिया गया। अब अधिकारियों को यहां भी अपने नाम से कनेक्शन लेकर बिजली जलानी पड़ेगी।
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साल भर में 8 लाख रुपये से अधिक की पड़ी चपत
ऑफीसर्स हॉस्टल में अधिकारियों ने एक साल की अवधि में 8 लाख रुपये से अधिक की बिजली फूंक डाली। इसका भुगतान पीडब्ल्यूडी को करना है। हॉस्टल में 24 आवास हैं। सभी में अधिकारी रह रहे हैं। कई अधिकारियों के यहां एसी भी लगे हैं। सभी ने सालभर तक मुफ्त की बिजली जलाई। गत 10 अक्तूबर तक का बिजली भुगतान पीडब्ल्यूडी को करना है। पीडब्ल्यूडी निर्माण खंड एक के एक्सईएन सुनील कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि अभी लगभग 70 हजार रुपये का भुगतान बिजली विभाग को किया गया है और करीब 8 लाख रुपये की मांग शासन से की गई है। अभी कुल भुगतान राशि की जानकारी होना बाकी है। अब अधिकारियों को अपने नाम से कनेक्शन लेकर बिजली का उपयोग करना होगा।
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आठ अधिकारियों ने लिए कनेक्शन
ऑफीसर्स हॉस्टल की बिजली कटने के बाद अधिकारियों में बेचैनी है। अब यह अधिकारी अपने नाम से कनेक्शन लेने को मजबूर हो रहे हैं। बिजली विभाग के एक्सईएन राजेश ग्रोवर ने बताया कि फिलहाल आठ अधिकारियों ने कनेक्शन ले लिए हैं। जल्द ही अन्य अधिकारी भी कनेक्शन ले लेंगे।