इटावा। नौकरी लगवाने के नाम पर लोगों से ठगी करने वाले सींचपाल व उसके तीन साथियों को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने चार-चार वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार रामवीर पाल निवासी इंद्रानगर थाना सिविल लाइन से उसके भाई विवेक कुमार की पुलिस में नौकरी लगवाने के नाम पर सींचपाल उमेशचंद्र वर्मा हाल तैनात चितभवन, अजय पाल पुत्र रामप्रसाद निवासी रामनगर थाना नयागंज एटा, राधेश्याम पुत्र मुल्लू निवासी बिजपुरी खेड़ा तथा रामवीर जाटव पुत्र रामरतन जाटव ने दो लाख रुपये 11 मई 2010 को लिए थे। भाई की नौकरी न लगने पर जब रामवीर पाल ने रुपये वापस मांगे तो उक्त लोगों ने उन्हें जानमाल की धमकी दी। रुपये न मिलने पर रामवीर पाल ने सिविल लाइन थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। विवेचना के बाद मामला मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट विजयपाल की अदालत में पहुंचा। यहां सुनवाई के बाद उन्होंने चारों को दोषी पाते हुए चार-चार वर्ष की सजा सुनाई। सरकार की ओर से पैरवी अभियोजन अधिकारी रमेशचंद्र शुक्ला ने की। उमेश वर्मा पहले से ही जेल में बंद हैं। अजय पाल, राधेश्याम व रामवीर को पुलिस अभिरक्षा में लेकर जेल भेज दिया गया।