इटावा। चौदह साल पहले आज ही के दिन कचहरी में हुए लाठीचार्ज के विरोध में सोमवार को जिला बार एसोसिएशन के सभी अधिवक्ताओं ने जुलूस निकालकर काला दिवस मनाया और न्यायिक कार्य से विरत रहे। अधिवक्ताओं ने कहा कि जब तक दोषी अधिकारियों को सजा नहीं मिल जाती तब तक वह काला दिवस मनाते रहेंगे।
डीबीए के मीडिया प्रभारी मैराज अली खान ने बताया कि 15 सितंबर 2000 को जिला प्रशासन ने अधिवक्ताओं के ऊपर बर्बरतापूर्वक लाठीचार्ज करवाया था, जिसमें न केवल वकील और उनके मुवक्किल घायल हुए थे बल्कि उनके बस्तों और गाड़ियों को भी क्षतिग्रस्त कर दिया गया था। अधिवक्ताओं को झूठे मुकदमों में फंसा दिया गया था। इस घटना के बाद से हर वर्ष 15 सितंबर को काला दिवस मनाया जाता है।
सोमवार को डीबीए अध्यक्ष अशोक बाबू दुबे, महामंत्री राजेश कुमार त्रिपाठी, सीबीए अध्यक्ष संजय दुबे पप्पन, महामंत्री रामकुमार दुबे ने जनपद न्यायाधीश रवींद्र नाथ कक्कड़ को न्यायिक कार्य से विरत रहने का नोटिस दिया। उसके बाद शांतिपूर्ण ढंग से जुलूस निकालकर विरोध प्रकट किया। इस दौरान हर स्वरूप सक्सेना, राधेश्याम द्विवेदी, बृजेश दुबे, शशांक शेखर यादव, प्रकाश चंद्र यादव, मनोज दीक्षित, हुतेश यादव, राजेश यादव, नितिन तिवारी, सलिल यादव, कृष्ण मोहन यादव, कमलेश कुमार दुबे आदि मौजूद रहे।