इटावा। नगरपालिका प्रशासन की हीलाहवाली के चलते मेवाती टोला मार्ग जर्जर हालत में है। करीब 400 मीटर लंबा यह मार्ग साल भर से अधूरा बना प़ड़ा है। बारिश में इस मार्ग की सूरत और बदतर हो गई है। कीचड़ की फिसलन और जलभराव से इर्द-गिर्द रहने वाले लोग नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। दोपहिया वाहन सवार आएदिन इस कीचड़ में फिसलकर घायल हो रहे हैं।
बीएसए दफ्तर के समीप और ओवरब्रिज से सटा मेवाती टोला मार्ग उस समय से जर्जर हालत में है, जब इस मार्ग पर सीवर लाइन बिछाई गई थी। इस कार्य हुए साल भर हो चुका है। मार्ग की दशा नहीं सुधरी है। कुछ महीने पहले तत्कालीन डीएम पी गुरुप्रसाद ने इस मार्ग का जायजा लिया था। उन्होंने नगरपालिका प्रशासन को निर्देश दिए थे कि वह पीडब्ल्यूडी से डामर गिट्टी लेकर मार्ग का निर्माण कराए। तकरीबन छह महीने पूर्व मार्ग निर्माण का ठेका भी दे दिया गया, लेकिन अब तक सड़क बनकर तैयार नहीं हुई है। इस मार्ग से गुजरने वाले हर मौसम में दुश्वारियां उठा रहे हैं। गर्मी के दिनों में इस ऊबड़ खाबड़ रास्ते से धूल के गुबार उठते हैं और अब बरसात में पूरी सड़क जलभराव और कीचड़ से सराबोर है।
इस मार्ग के किनारे रह रहे बाशिंदे मार्ग की इस हालत से आजिज आ चुके हैं। चूंकि सड़क का नामोनिशान नहीं रहा, लिहाजा जल निकासी के लिए नालियां भी नहीं हैं। घरों से निकलने वाला पानी इस मार्ग पर आकर इकट्ठा होता है। पानी के जमाव से चारों तरफ बदबू फैली रहती है। मोहल्लावासी नगरपालिका को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं।
सड़क पर निर्माण कार्य शुरू न होने के संबंध में नगरपालिका जेई किशोरी सिंह ठेकेदार को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। उनका कहना है कि वह कई बार ठेकेदार से निर्माण कार्य शुरू करने को कह चुके हैं। तीन महीना पूर्व ठेकेदार ने गिट्टी भी डाल दी थी। उसके बाद फिर काम बंद कर दिया। इस बीच पेयजल पाइप लाइन बिछाए जाने से सड़क की हालत और भी बदतर हो गई। खुदाई से निकली मिट्टी के ढेर बारिश में फैल गए। अब यहां दलदल जैसी हालत हो गई है।
यदि ठेकेदार समय पर निर्माण कार्य पूरा नहीं कर रहा है तो जेई को चाहिए था कि मुझे अवगत कराते। ठेकेदार को नोटिस देने की कार्रवाई अमल में लाई जाती। अभी दो-तीन दिन तो चुनाव में व्यस्त रहेंगे। उसके बाद वह देखेंगे कि सड़क निर्माण के कार्य में विलंब क्यों हो रहा है।-जनार्दन राय, ईओ, नगरपालिका, इटावा