इटावा। तकिया आजादगान के पास एक माह पहले मुक्त कराई गई विवादित जमीन की बुधवार को कलक्टर के आदेश पर पैमाइश कराई गई है। राजस्व रिकार्ड में यह जमीन कब्रिस्तान की दर्ज है, जबकि नगरपालिका और वक्फ की ओर से इस बेशकीमती जमीन पर अपना मालिकाना हक जताया जा रहा है। नगर पालिका द्वारा मुक्त कराए जाने के बाद से इस एसडीएम की ओर स्थगन आदेश जारी है।
एक माह पहले विवादित जमीन पर बने मकानों को जेसीबी मशीनों से ढहाकर अतिक्रमण हटा दिया गया था। तभी से दोनों पक्षों की ओर से जमीन पर दावा किया जा रहा है। एसडीएम कोर्ट से स्थगनादेश जारी हो जाने के बाद कलक्टर विद्याभूषण ने जमीन की पैमाइश कराने के आदेश दिए थे। बुधवार को तहसीलदार, नायब तहसीलदार तथा तीन लेखपालों के दल द्वारा पुलिस की मौजूदगी में पैमाइश कराई गई है। दल की ओर से रिपोर्ट कलक्टर को सौंपी जाएगी। राजस्व अधिकारियों का कहना है कि यह जमीन धारा 132 के तहत आती है। खतौनी में यह जमीन कब्रिस्तान के रूप में दर्ज है। कब्रिस्तान की जमीन सार्वजनिक होती है। इस पर किसी का मालिकाना हक नहीं हो सकता है। न ही यह जमीन किराए पर उठाई जा सकती है। राजस्व विभाग के अनुसार कब्रिस्तान की जमीन पर शासन का पूर्ण अधिकार होता है। खतौनी में दर्ज 18 गाटा में से 12 पर वक्फ को और छह पर नगरपालिका को रखरखाव का अधिकार दिया गया है। हक का दावा कर रहे दोनों पक्षों को गलत माना गया है। हालांकि कलक्टर ने सिर्फ पैमाइश क ा आदेश दिया है। मालिकाना हक बाद में घोषित किया जाएगा।
मालूम हो कि एक माह पहले इस जमीन पर पशुओं के मांस का कारोबार इकदिल पुलिस द्वारा पकड़े जाने पर नगरपालिका ने कसाइयों से भूमि को मुक्त करा लिया था। तभी से दोनों पक्ष आमने-सामने हैं। समुदाय विशेष के लोगों ने तो इस जमीन पर दो-दो मंजिला मकान तक बनवा लिए थे। झाड़ियाें के बीच प्रतिबंधित पशुआें का वध कर मांस का कारोबार किया जा रहा था। दो सप्ताह पहले कुछ लोगंों ने इस जमीन पर कब्र बनाकर कब्जा करने का प्रयास किया गया था। जानकारी मिलने पर प्रशासन के अधिकारियाें ने पहुंचकर पुलिस की मदद से असामाजिक तत्वों को खदेड़ दिया था। बाईपास रोड पर स्थित इस नौ एकड़ से अधिक जमीन की कीमत अरबों रुपये बताई जा रही है।
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राजस्व रिकार्ड में यह जमीन कब्रिस्तान की है। धारा 132 के अनुसार कब्रिस्तान की भूमि सार्वजनिक मानी जाती है। रखरखाव का अधिकार तो हो सकता है, लेकिन मालिकाना नहीं। दोनों पक्ष ही गलतफहमी में हैं। कलक्टर के आदेश पर पैमाइश कराई गई है। शीघ्र ही रिपोर्ट सौंपी जाएगी। स्थगनादेश अभी भी प्रभावी है-शैलेंद्र भाटिया, एसडीएम सदर