इटावा। जिला पंचायत की बैठक में सदस्यों ने जब अपने-अपने क्षेत्र की समस्याएं उठानी शुरू की तो जल निगम का मसला आने पर एक्सईएन को तलब किया गया। एक्सईएन की जगह एई खड़े हुए तो सदर विधायक रघुराज सिंह शाक्य तमतमा उठे। उन्होंने कहा कि आप क्या जवाब दे पाओगे। एक्सईएन को होना चाहिए था। गांवों में पाइप लाइन बेहद घटिया दर्जे की बिछाई गई हैं। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पैसे की कोई कमी नहीं होने दे रहे, लेकिन विकास कार्य जनता तक पहुंच ही नहीं रहे। उन्होंने जिला पंचायत अध्यक्ष से आग्रह किया कि जिसने भी पाइप लाइन बिछवाई है उस एक्सईएन, एई और जेई के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज होनी चाहिए। निलंबन से कुछ नहीं होता। पीडब्ल्यूडी मंत्री प्रतिनिधि आशीष राजपूत ने भी कहा कि अधिकारी अपने हिसाब से काम कर रहे हैं। जबकि जनता के बीच हम जनप्रतिनिधियों को जाना पड़ता है। उन्होंने कहा कि यदि समय पर रिबोर हैंडपंपों के लिए शासन से धन की डिमांड कर ली जाती तो आज ग्रामीण क्षेत्रों में पानी के लिए त्राहि-त्राहि न मच रही होती। प्रतापनेर, विक्रमपुर और बसरेहर में घटिया क्वालिटी की पाइप लाइन बिछाई गई है। जिला पंचायत अध्यक्ष प्रेमलता यादव ने जलनिगम अधिकारियाें के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए। इसके अलावा गैरहाजिर अधिकारियोें के बारे में डीएम को अवगत कराते हुए कार्रवाई करने को कहा। कहा कि अधिकारी जो भी कार्य कराएं, उससे जनप्रतिनिधियों को भी अवगत कराएं।
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ये प्रस्ताव हुए पास
बैठक में चालू वित्तीय वर्ष 2014-15 की जिला पंचायत विकास योजना 96.70 करोड़ रुपये की प्रस्तावित की गई। कार्य योजना में 30 करोड़ रुपये के ग्रामीण क्षेत्रों में सीसी रोड व केसी ड्रेन के कार्य रखे गए। नौ करोड़ रुपये हैंडपंपों के लिए प्रस्तावित किए गए। पुरानी सड़कों की मरम्मत पर बल दिया गया। इसके लिए 74 सड़कों की सूची जिला पंचायत द्वारा तैयार की गई है। इनमें दस वर्ष से पहले बनी सड़कों को प्राथमिकता पर रखा गया है।
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विभाग से पता किया जाएगा कि किस एक्सईएन के कार्यकाल में कार्य किया गया। इसके बाद जांच करवाई जाएगी कि किस स्तर पर अनियमितता हुई है, किस स्तर का दोष बनता है। बाद में नियमानुसार धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी।-सुरेंद्र कुमार वर्मा, अपर मुख्य अधिकारी