इटावा। अव्वल तो भीषण गर्मी और उस पर विकलांगता, इसके बावजूद लोग विकास भवन के विकलांग कल्याण दफ्तर में चक्कर काटने को मजबूर हो रहे हैं। दरअसल इस बार न तो विकलांग पेंशन मिली है और न ही इस विभाग से संचालित अन्य योजनाओं को लाभ। धनराशि उपलब्ध न होने के कारण विभाग की सभी योजनाएं अटकी पड़ी हैं। चालू वित्तीय वर्ष 2014-15 का तीसरा महीना चल रहा है, मगर सरकार विकलांग कल्याण विभाग को धनराशि उपलब्ध नहीं करा पा रही है। जिले के 10,092 विकलांगों को प्रति माह 300 रुपये के हिसाब से पेंशन दी जाती है। अमूमन जून महीने में विभाग को बजट मिल जाता है, लेकिन इस बार अभी तक बजट की चर्चा तक नहीं हो रही। पेंशनधारक विकलांग कल्याण दफ्तर के चक्कर काट रहे हैं। गर्मी से जूझते हुए निशक्तजन आते हैं, मगर उन्हें निराशा ही हाथ लगती है। किराया-भाड़ा बर्बाद होता है।
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कृत्रिम उपकरण के 30 आवेदन लंबित
पेंशनधारक ही नहीं, इस विभाग से संचालित निशक्तजनों की अन्य योजनाओं का भी यही हाल है। यहां से उनको कृत्रिम अंग भी उपलब्ध कराए जाते हैं। जो उनका सहारा बनते हैं। 21 ट्राई साइकिलों, तीन व्हील चेयर्स और छह बैसाखियों के लिए विकलांगों ने फार्म जमा कर रखे हैं। ऐसे 30 आवेदन लंबित पड़े हैं।
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शादी अनुदान के फार्म फाइलों में बंद
विभाग से उन लोगों को शादी अनुदान भी मिलता है जो किसी विकलांग से विवाह करते हैं। लड़का विकलांग हो तो 11 हजार रुपये और लड़की विकलांग हो तो सरकार 14 हजार रुपये देती है। लड़का-लड़की दोनों विकलांग होने पर भी 14 हजार रुपये का अनुदान मिलता है। ऐसे कुल 14 आवेदनपत्र फाइलों में बंद हैं।
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लोन के अटके हैं सात फार्म
परिवार की रोजी-रोटी के लिए दुकान करने की उम्मीद पाले निशक्तजनों को बजट के अभाव में निराश होना पड़ रहा है। ऐसे सात आवेदन विभाग में लंबित हैं। इस योजना में आवेदनकर्ता को दस हजार रुपये का लोन और ढाई हजार रुपये का अनुदान उपलब्ध कराया जाता है।
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विकलांग पेंशन के 34 नए आवेदन
विभाग में विकलांग पेंशन के 34 आवेदन लंबित पड़े हैं। इन आवेदनों को तबतक स्वीकृत मिलना संभव नहीं है, जब तक इसके लिए शासन से बजट उपलब्ध न हो। यानि विकलांग कल्याण विभाग की सभी योजनाएं धनराशि मुहैया न होने की वजह अटकी पड़ी हैं।
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शासन को डिमांड भेजी जा चुकी है। पेंशनधारकों का बजट जल्द मिलने की उम्मीद है। अन्य योजनाओं के आवेदनकर्ताओं को अभी इंतजार करना होगा। प्रदेश सरकार का बजट पेश होने के बाद ही नए आवेदनों पर होगा।-हौसला प्रसाद, प्रभारी जिला विकलांग कल्याण अधिकारी, इटावा