इटावा। कचहरी हवालात में पेशी पर आए बंदियों ने दो घंटे तक जमकर हंगामा किया। नारेबाजी कर पेशी पर जाने से साफ इंकार कर दिया। हवालात में पानी व सफाई न होने से बंदी नाराज थे। हंगामे की जानकारी पाकर सिटी मजिस्ट्रेट पहुंचे। घंटों की मशक्कत के बाद बंदी बमुश्किल पेशी पर जाने को तैयार हुए।
सोमवार को जिला जेल से बंदियों को पेशी के लिए कचहरी स्थित हवालात लाया गया था। ड्यूटी पर तैनात आरक्षी पेशी पर ले जाने को तैयार हुए तो बंदियों ने जाने से इंकार कर दिया। बंदियों ने वकीलों के खिलाफ भी जमकर नारेबाजी की। वकील करीब एक महीने से हड़ताल पर हैं। यही कारण है कि बंदियाें की जमानत अर्जी पर विचार नहीं हो पा रहा है। बंदियों का आरोप है कि हवालात में न तो पानी की व्यवस्था है और न पंखा है। भीषण गर्मी के कारण मुश्किल हो रही है। आखिर वे भी इंसान हैं। हवालात इंचार्ज हंसराज सिह ने बंदियाें को समझाने का भरसक प्रयास किया लेकिन बंदी पर जाने को तैयार नहीं हुए। हवालात में हंगामे की जानकारी मिलते ही सिटी मजिस्ट्रेट मुनीन्द्र नाथ उपाध्याय, आरआई ब्रह्मसिंह, एसओ सिविल लाइन जसवीर सिंह भी मौके पर पहुंचे और बंदियों से बातचीत की। उन्होंने आश्वासन दिया कि पानी के लिए घडे़ रखवाए जाएंगे, इसके अलावा हवालात की सफाई भी नियमित कराई जाएगी। पंखों के लिए डीएम के सामने प्रस्ताव रखा जाएगा। आश्वासन के बाद बंदी पेशी पर जाने को राजी हुए। जैैथरा अलीगढ़ निवासी चंचल पहलवान, नगला जयकाल भरथना निवासी रवियादव ने बताया कि हवालात में पानी व सफाई की कोई व्यवस्था नहीं है। दूसरी ओर वकीलों की हड़ताल के चलते जमानत नहीं हो पा रही है। सिटी मजिस्ट्रेट ने बताया कि सफाई के लिए नगर पालिका के ईओ को बोल दिया गया है।