इटावा। सशस्त्र डकैतों ने बीती रात दो सिपाहियों के घरों पर धावा बोलकर लगभग चालीस लाख की संपत्ति लूट ली। बदमाशों ने लूटपाट के दौरान परिजनों को मारापीटा और तीन घंटे तक बंधक बनाए रखा। डॉग स्क्वायड और फौरेंसिक टीम के साथ पहुंची पुलिस ने मौके पर घटना की छानबीन की।
मंगलवार की रात यह दुस्साहसिक वारदात इटावा-फर्रुखाबाद हाइवे से सटे इकदिल नगर की नवविकसित कालोनी विवेक बिहार में जेके हॉस्पिटल के पास हुई। कालोनी में सिपाही संतोष यादव पुत्र श्रीरामस्नेही लाल और सिपाही शिवदर्शन सिंह यादव पुत्र महावीर सिंह यादव के मकान आमने सामने हैं। मूलत: थाना चौबिया के गांव नगला बरी निवासी संतोष यादव इस समय मैनपुरी में और झिंगूपुरा, सैंफई शिवदर्शन सिंह फीरोजाबाद में तैनात है। रात 11 बजे आधा दर्जन से अधिक बदमाश पहले संतोष के घर में घुसे और उसकी पत्नी सर्वेश कुमारी को तमंचे से धमकाते हुए बंधक बना लिया। बेटे को जान से मारने की धमकी दी। चाबी छीनने के बाद बदमाशों ने जमकर लूटपाट की। शोर मचाने की कोशिश पर सर्वेश को तमंचे की बट मारकर घायल कर दिया। सुबह सूचना पर घर पहुंचे संतोष ने बताया कि बदमाश उसके घर से 50 हजार रुपए नकद, जेवर, कपड़ों सहित करीब दस लाख का सामान लूट ले गए।
इसके बाद बदमाशों ने शिवदर्शन के घर को निशाना बनाया। शिवदर्शन सिंह की मां का निधन हो जाने से परिजन शांतिहवन में शामिल होने गांव गए थे। घर की रखवाली के लिए शिवदर्शन की साली का लड़का सौरभ यादव सो रहा था। बदमाशों ने सबसे पहले सौरभ के हाथ रस्सी से बांध दिए। उसने शोर मचाने का प्रयास किया तो कनपटी पर तमंचा सटा दिया। शिवदर्शन के बेटे शैलेंद्र ने बताया कि बदमाश उसकी पत्नी और मां के करीब 55-60 तोले सोने के जेवर सहित 30 लाख का सामान लूट ले गए। सौरभ ने बताया कि लूटपाट के दौरान एक बदमाश घर की बाहर से निगरानी कर रहा था। तमंचा, सरिया व डंडों से लैस बदमाश मुंह पर कपड़े बांधे थे। सूचना मिलने पर एएसपी ऋषिपाल सिंह, सीओ सिटी सिद्धार्थ वर्मा, थानाध्यक्ष अशोकचंद्र दुबे ने डॉग स्क्वायड व फौंरेसिक टीम के साथ मौके पर छानबीन की।