इटावा। जिला अस्पताल में बीमार की मौत से खफा परिजनों ने जमकर बवाल किया। आक्रोशित लोगों ने मरीज की मौत के लिए एंबुलेंस सेवा को जिम्मेदार ठहराया। मृतक के बेेटे का आरोप है कि अगर एंबुलेंस समय से आ जाती तो उसके पिता की जान बच सकती थी।
बुधवार को समीम खान (50) पुत्र सुलेमान खान निवासी किल्ली सुल्तानपुर बसरेहर की हालत बिगड़ने पर परिजनों ने सुबह करीब 6 बजे उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया। समीम की गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने सुबह करीब 9:40 बजे उसे मिनी पीजीआई सैफई के लिए रिफर कर दिया। परिजनों ने एंबुलेंस के लिए सुबह करीब दस बजे 108 नंबर पर फोन किया। लेकिन जब तक एंबुलेंस वहां पहुंचती समीम ने दम तोड़ दिया।
इस पर गुस्साए समीम के परिजनों ने जिला अस्पताल परिसर में बवाल शुरू कर दिया। मृतक के बेटे रिंकू ने आरोप लगाया कि दस बजे तक एंबुलेंस को सूचना दी गई, लेकिन दो घंटे बाद भी एंबुलेंस नहीं पहुंची। उसने पिता की मौत के लिए एंबुलेंस सेवा को जिम्मेदार ठहराया। उसने डॉक्टरों पर भी समय से जानकारी न देने का आरोप लगाया। बाद में जिला अस्पताल के चिकित्सकों ने परिजनों को समझाया, तब जाकर परिजनों का गुस्सा शांत हुआ। डाक्टरों ने बताया कि समीम को सैपट्रिक फैल गई थी जिस कारण उसकी मौत हो गई।