इटावा। सिविल लाइन थाने की पुलिस ने चार महीने पहले हुए अंकुश अपहरण कांड का खुलासा कर लिया है। पुलिस ने अंकुश के चाचा व लोकमंच के नेता एवं जसवंतनगर विधानसभा क्षेत्र से प्रत्याशी रहे संजय तोमर के घर के तलघर में छापा मारकर वहां से अंकुश को बरामद किया। संजय तोमर पर अपने ही भतीजे का अपहरण दिखा कर विरोधियों पर फर्जी ढंग से मुकदमा दर्ज कराने का आरोप है। पुलिस ने संजय तोमर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। संजय तोमर इससे पहले भी हत्या के एक मामले में जेल जा चुके हैं और इन दिनों जमानत पर थे।
सीओ सिटी सिद्धार्थ वर्मा ने सिविल लाइन थाने में बुधवार को पत्रकारों को बताया कि संजय तोमर पुत्र विजय बहादुर सिंह निवासी नगला उदय सिंह व हाल पता पीएसी के सामने ने ही अपने परिजनों के अपने भतीजे अंकुश (16) पुत्र निर्भय सिंह के अपहरण का षडयंत्र रचा था। अंकुश 31 अगस्त 2012 को घर से रहस्यमय तरीके से गायब हो गया था।
सीओ सिटी ने बताया कि संजय तोमर, निर्भय सिंह, मुन्ना व दीपू पुत्रगण विजय बहादुर सिंह, उदयप्रताप सिंह, बल्लू, पुत्रगण रन बहादुर सिंह निवासी नगला उदय सिंह ने 11 जून 2012 की रात अपने ही गांव के अवधेश सिंह उर्फ बंटू की रेलवे लाइन पर डालकर हत्या कर दी थी। इस मामले में उन्हें व उनके साथियों को जेल भेजा गया। वर्तमान में संजय तोमर जमानत पर हैं। हत्या के इस मामले में वादी व उनके परिजनों पर दबाव बनाने के लिए संजय तोमर व उनके पिता विजय बहादुर ने अंकुश के अपहरण का षडयंत्र रचा और गलत साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट के जरिए मुकदमा भी दर्ज कराया।
सीओ सिटी ने बताया कि इस बीच अंकुश अपनी रिश्तेदारी में रहा। पुलिस टीम लगातार उसकी तलाश कर रही थी। इसी बीच 8 जनवरी को मुखबिर से सूचना मिली कि अंकुश इस समय संजय तोमर के पीएसी के सामने स्थित मकान पर है। इस सूचना पर सिविल लाइन के प्रभारी थानाध्यक्ष राधामोहन द्विवेदी ने फोर्स के साथ संजय तोमर के घर छापा मारा और अंकुश को घर के तहखाने से बरामद कर लिया। पुलिस ने संजय तोमर को भी हिरासत में ले लिया।
प्रभारी थानाध्यक्ष सिविल लाइन राधामोहन द्विवेदी ने बताया कि अंकुश से पूछताछ की गई तो उसने जो कहानी बताई वह झूठी साबित हुई। इस पूरे मामले में छानबीन करने के बाद स्थिति स्पष्ट हो गई। उन्होंने बताया कि अपहरण की साजिश रचने वाले दूसरे आरोपी विजय बहादुर सिंह की तलाश की जा रही है। संजय तोमर को जेल भेज दिया गया।