अमर उजाला ब्यूरो
बकेवर। सहकारी संघ के चुनाव में भाजपा ने आधे से अधिक संघों पर कब्जा किया है। कई जगहों पर पुराने सपाइयों को मिलाकर जीत कर्ज की है। निबाड़ीकला संघ पर चुनाव को लेकर प्रशासन पर गुमराह करने का भाजपा जिलाध्यक्ष ने आरोप लगाया है।
सहकारिता चुनाव के बाद भाजपा ने सहकारी संघ का चुनाव भी रणनीति के तहत लड़ा। यह बात अलग है कि कई समिति व संघों के चुनाव में भाजपा ने सपाइयों को ही तोड़कर जीत हासिल की।
भाजपा जिलाध्यक्ष शिवमहेश दुबे व कोआपरेटिव चुनाव के लिए जिला के प्रभारी बनाए गए रामकुमार त्रिपाठी ने बताया कि जिले में 20 सहकारी संघों पर चुनाव हुए थे। जिसमें से बकेवर, लखना, महेवा, लाखी, उरेंग, जयमलपुर, भरथना, साम्हों, इकदिल, ऊसराहार, बरालोकपुर पर भाजपा ने अपना अध्यक्ष बनाया। इकदिल को छोड़कर बाकी दस संघों पर निर्विरोध अध्यक्ष उपाध्यक्ष चुने गए। तीन संघों जगसोरा, बसरेहर, ताखा पर डेलीगेट नही थे। कुल 22 संघो में से 20 पर चुनाव हुआ। चंदपुरा व राहिन में सदस्य कम थे । इस कारण चुनाव नही हो सका। भाजपा की इस जीत में पूर्व विधायक अशोक दुबे, उपाध्यक्ष कृपानारायण तिवारी, मनीष यादव पतरे, विकास भदौरिया, देवेंद्र तिवारी, मानू तिवारी एवं उमेश तिवारी का भी सराहनीय योगदान रहा।
-20 संघों में से 11 पर किया कब्जा
-तीन संघों से किसी के डेलीगेट नहीं पहुंचे