अत्यधिक तेज रफ्तार से गाड़ी चलाना खुद को मौत का निमंत्रण देना है। ऐसे ही हालात आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस के है। जहां पर 100 की स्पीड प्रतिघंटा की रफ्तार से गाड़ी चलाने पर प्रतिबंध है, लेकिन अधिकांश गाड़ियां 150-200 प्रतिघंटा रफ्तार से फर्राटा भर रही है। इससे हादसे-दर हादसे हो रहे है।
रफ्तार पर लगाम लगाने के लिए यूपीडा की सिक्योरिटी ने (एडवांस ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम) के तहत एक डिवाइस तैयार की है। इसको एक्सप्रेस-वे के खंभों पर लगाया जाएगा।
हर दो किलोमीटर डिवाइस लगने से तेज रफ्तार की गाड़ियों के ऑनलाइन चालान किया जाएगा। साथ ही हादसे की जानकारी होने पर यूपी सुरक्षा कर्मी जल्दी पहुंच जाएंगे।
लखनऊ आगरा एक्सप्रेस वे पर अब दुर्घटना के शिकार हुए लोगों को घंटों इंतजार नहीं करना पड़ेगा। उन्हें बस पास ही मौजूद इमरजेंसी कॉल बाक्स की बटन दबानी होगी।
इसके चंद मिनटों बाद ही यूपीडा कर्मी मदद के लिए पहुंच जाएंगे। लगातार हादसों में होने वाली मौत के आंकड़ों को देखते हुए यूपीडा एक्सप्रेस वे पर हर दो किमी पर एटीएमएस (एडवांस ट्रैफि क मैनेजमेंट सिस्टम) लगवा रहा है।
आंकड़ों पर गौर करें तो लखनऊ आगरा एक्सप्रेस वे पर नवंबर 2016 से तेज गति के कारण अब तक 110 लोग मौत को गले लगा चुके हैं।
जबकि 300 से अधिक गंभीर रूप से घायल हो चुके हैं। इसे ध्यान में रखते हुए यूपीडा अब एटीएमएस के तहत हर दो किमी पर इमरजेंसी कॉल बाक्स लगा रहा है। ये बाक्स सीधे कंट्रोल रूम से जुड़े रहेंगे।
हाईवे पर एक्सीडेंट लूट समेत अन्य समस्या से घिरने पर इसमें मौजूद बटन को दबाते ही कंट्रोल से समस्या पूछी जाएगी। यदि कॉलर स्थान नहीं बता सकेगा तो बाक्स के जीपीएस से पीड़ित की लोकेशन पर यूपीडा की पेट्रोलिंग टीम मौके पर पहुंचेगी।
अभी डिवाइस चौबिया में डिवाइस लगाने का प्रयास हो रहा है। बाकी स्थान पर काम जारी है। डिवाइस रफ्तार के साथ गलत लेन भी बताएगी।
यूपीडा के अधिशासी अभियंता केसी जैन ने बताया कि एक्सप्रेस वे के मुताबिक एटीएमएस डिवाइस ऑटोमेटिकली अधिक रफ्तार और ओवरलोड वाहनों के नंबर नोट कर लेगी।
साथ ही इस बारे में कंट्रोल रूम को अलर्ट करेगी। इसके बाद वाहनों का ऑनलाइन चालान किया जाएगा। उन्होंने बताया कि गलत लेन पर चल रही गाड़ी की सूचना भी डिवाइस से मिलेगी।
ऐसे चालकों पर पुलिस कार्रवाई करेगी। साथ ही डिवाइस के कैमरों की दूरी करीब दो किलोमीटर का एरिया कवर करेंगी।
जिले की सीमा में दो रिपोटिंग चौकी का निर्माण भी शुरू हो गया है। चौकियों पर एक्सीडेंट सहित अन्य घटनाओं की एफआइआर दर्ज की जा सकेगी।
अभी एफआइआर के लिए थाना-कोतवाली जाना पड़ता था। चौकी से पुलिस अपराध नियंत्रण के साथ एक्सप्रेस.वे की संपत्ति भी सुरक्षित रखेगी।
आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे की रफ्तार पर लगेगी लगाम
हर दो किलोमीटर लगेगी एटीएमएस डिवाइस लगाई जायेगी
ऑटोमेटिक डिवाइस से ऑनलाइन वाहनों के होंगे चालान