चुनावी वादे के मुताबिक योगी सरकार ने किसानों का एक लाख तक का फसली ऋण माफ कर दिया। इससे किसानों में खुशी है। जिले में करीब 60 हजार लघु और सीमांत किसानों पर 323 करोड़ रुपये का फसली ऋण बकाया है। ऐसे में इन किसानों को लाभ मिलने की उम्मीद है। फिलहाल बैंक शासनादेश का इंतजार कर रहे हैं।
योगी सरकार ने मंगलवार को पहली कैबिनेट बैठक में एक लाख रुपये तक का फसली ऋण माफ करने का फैसला किया है। इस निर्णय से छोटे किसानों को लाभ मिलने की उम्मीद है। जिले में कुल 2.10 लाख किसान हैं। जिनमें से 70 हजार किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) धारक हैं। इन किसानों में लगभग 15 फीसदी बड़े काश्तकार हैं। केसीसी धारक लघु और सीमांत किसानों की संख्या करीब 60 हजार है। जिनमें 52,500 लघु और सीमांत किसानों ने 14 विभिन्न राष्ट्रीयकृत बैंकों और 18000 किसानों ने कोआपरेटिव बैंकों से फसली ऋण लिया है।
जिले में 70 हजार किसानों पर 380 करोड़ रुपये की फसली ऋण की देनदारी है। इसमें से बड़े काश्तकारों को निकाल दें तो लघु और सीमांत किसानों पर बकाये की रकम लगभग 323 करोड़ रुपये है। इन किसानों को योगी सरकार के फैसले से लाभ मिलने की उम्मीद है।
फसली ऋण माफी के निर्णय की वास्तविक स्थिति गाइड लाइन प्राप्त होने के बाद सामने आएगी। उसके बाद ही ये कहा जा सकता है कि जिले में इस निर्णय से कितने किसान लाभान्वित होंगे। क्योंकि हरेक बैंक का अपना फसली ऋण से जुड़ा डाटा है। जिसकी स्थिति गाइड लाइन मिलने पर ही साफ होगी।
एनके शर्मा, लीड बैंक मैनेजर, इटावा