इटावा। जिले में लगातार पुनरीक्षण अभियान चलने के बाद भी अभी वोटर बनाने का आंकड़ा आबादी का आधार नहीं छू पाया है। आयोग के निर्देशानुसार जिले की कुल आबादी का 64.66 फीसदी वोटर होना चाहिए। जबकि 64.31 फीसदी ही वोटर बने हैं। प्वाइंट 35 फीसदी की कमी रह गई है। संख्या के लिहाज से यह 6292 लोगों की कमी दर्शाती है, जिन्हें वोटर के रूप में दर्ज किया जाना अभी बाकी है।
मतदाता पुनरीक्षण अभियान अभी भी जारी है और यह लोकसभा चुनाव के नामांकन शुरू होने तक चलता रहेगा। जबकि मतदाता सूची का फाइनल प्रकाशन हो चुका है। अब जो वोटर बनेंगे। उनके नाम नामांकन से ऐनपूर्व मतदाता सूची से जोड़े जाएंगे। वोटर बनाने का आधार आबादी से जुड़ा है। जिले की आबादी 17 लाख 96 हजार 162 है। आयोग के निर्देश हैं, इस आबादी के 64.66 फीसदी वोटर होने चाहिए।
इस आंकड़े के आधार पर 18 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके वोटरों की संख्या 11 लाख 61 हजार 466 होनी चाहिए। जबकि फाइनल प्रकाशन के बाद जिले की सूची में कुल 11 लाख 55 हजार 174 वोटर हैं। यानि उक्त आंकड़े से अभी 6292 वोटर कम हैं। साफ है कि आबादी के लिहाज प्रस्तावित वोटरों की संख्या के सापेक्ष 99.46 प्रतिशत की पूर्ति हुई है।
एक नजर आबादी व फाइनल प्रकाशन में उम्रवार वोटर
आयु का समूह आबादी के आधार पर हों ये वोटर फाइनल प्रकाशन में वोटर
18-19 84134 19604
20-29 356258 277979
30-39 229352 276356
40-49 201200 231741
50-59 132279 173150
60-69 85949 103075
70-79 58981 52335
80 प्लस 13313 20934
योग 1161466 1155174
आयु वर्ग में आबादी के बराबर नहीं वोटर
आबादी के आंकड़े को देखें तो आयु समूह के हिसाब से वोटर नहीं हैं। सबसे अधिक अंतर 18 व 19 साल के वोटरों में दिख रहा। आबादी के हिसाब से इनकी संख्या 84134 होनी चाहिए। जबकि सिर्फ 19604 वोटर हैं। इसी तरह अन्य आयु समूहों में ऐसा ही अंतर बना है।
आबादी से जुड़ा डाटा चुनाव आयोग से उपलब्ध हुआ है। जो जनगणना के आधार पर है। वह स्वयं भी आयु वर्ग के आधार पर दी गई संख्या को सही नहीं मान रहे। उसमें कुछ त्रुटियां हो सकतीं हैं। लेकिन हमें टोटल आबादी के आधार पर वोटर बनाने हैं। लिहाजा अभी करीब सवा 6 हजार वोटर कम बने हैं। पुनरीक्षण अभियान जारी है।
उदय नारायन सिंह, एडीईओ, इटावा
जिले में अभी कम बने सवा छह हजार वोटर
आबादी को आधार बनाकर पूरा किया जाना है आंकड़ा