इटावा। डॉ भीमराव आंबेडकर संयुक्त चिकित्सालय में संचालित महिला अस्पताल के चिकित्सकों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए बताया कि उनके नवजात बच्चे को उपचार न मिलने के कारण उसकी मौत हो गई। इस मामले में बताया गया कि बच्चे का वजन कम होने के कारण उसे वेंटिलेटर की आवश्यकता पड़ रही थी जिस कारण से सैफई रेफर किया गया था।
कल्पना पत्नी नीरज नगला मेमे हिम्मतपुर की डिलीवरी 12 दिन पहले हुई थी जिसमें नवजात बच्चे का वजन मात्र 12 सौ ग्राम था। इस कारण से बच्चे को परेशानी हो रही थी। हालत खराब होने के कारण रात 12 बजकर 30 मिनट पर उसे सैफई स्थित मिनी पीजीआई के लिए रेफर कर दिया गया था। इस मामले में बताया गया कि उसे वेंटिलेटर की आवश्यकता थी। कल्पना का पति नीरज उसे लेकर सैफ ई गया था और उसके बाद बच्चे को लेकर घूमता रहा जिससे उसकी मौत हो गई। उसे लेकर महिला अस्पताल आया था। चूंकि मरे बच्चे को भर्ती नहीं किया जाता। इसलिए उसे भर्ती करने से इनकार कर दिया गया। इस मामले में महिला सीएमएस अशोक कुमार ने बताया कि कम वजन का बच्चा था। उसे वेंटिलेटर की आवश्यकता थी। महिला अस्पताल में वेंटिलेटर न होने के कारण उसे सैफई रेफर कर दिया था। इस मामले मुख्य चिकित्साधिकारी अनिल कुमार ने बताया कि नवजात बच्चे की मौत का मामला संज्ञान में आया है जिसमें इसकी जांच महिला सीएमएस को सौंपी गई है और दोषी पाए जाने पर कार्यवाही के लिए निर्देशित किया है।
नवजात की उपचार न मिलने से हुई मौत
महिला अस्पताल के डाक्टरों पर लापरवाही का आरोप
सीएमओ ने मामले की जांच सीएमएस को सौंपी