अमर उजाला ब्यूरो
इटावा। नवीन मंडी की 43 दुकानों में से 37 के आवंटियों को मंगलवार को प्रशासन ने कब्जा दे दिया है। दुकानों में पुराने आवंटियों को जो भी सामान था उसे बाहर निकलवाकर आवंटियों को दुकानें सुपुर्द कर दी गई। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान नगर मजिस्ट्रेट शमशाद हुसैन के अलावा नायब तहसीलदार चंद्र प्रकाश के अलावा मंडी सचिव आशीष कुमार मौजूद रहे।
नवीन मंडी की 43 दुकानों को लेकर विवाद चल रहा था। इन दुकानों में बगैर आवंटन प्रक्रिया पूरी किए दुकानदारों ने कब्जा कर रखा था। वर्ष 2011 से काबिज चल रहे दुकानदारों को पहले तो मंडी प्रशासन ने दुकानें खाली करने की चेतावनी दी। जब दुकानदारों से अपना कब्जा नहीं हटाया तो सिटी मजिस्ट्रेट ने पुलिस फोर्स के साथ मंडी पहुंचकर दुकानों से अवैध कब्जा हटवा दिया। मंडी प्रशासन ने सभी दुकानों में अपने ताले डाल दिए। इसके बाद व्यापारियों ने आंदोलन किया। दो दिन मंडी का कारोबार भी बंद रहा। परंतु प्रशासन बगैर नीलामी प्रक्रिया पूरी किए दुकानों को आवंटन न करने के फैसले पर अड़ा रहा। इसके बाद दुकानों की सार्वजनिक नीलामी कराई गई। आवंटियों को 21 जनवरी तक नीलामी राशि जमा करने को कहा गया। जिन दुकानदाराें ने 50 प्रतिशत धनराशि जमा कर दी थी। उन्हें मंगलवार को कब्जा दिलाया गया।
सिटी मजिस्ट्रेट शमशाद हुसैन ने बताया कि 29 नवम्बर 2011 से लेकर अब तक इन दुकानदारों पर अवैध रूप से काबिज रहे दुकानदारों पर जुर्माना भी लगाया जाएगा। मंगलवार को दुकानें खाली कराये जाने का विरोध कोई भी नहीं कर सका। हालांकि पूर्व आवंटी दुकानदार का आरोप है कि दुकानें नाजायज तरीके से खाली कराईं गईं।
दूसरी ओर मंडी सचिव आशीष कुमार ने बताया कि जिन आवंटियों ने 21 जनवरी तक आवंटन कराया था। 50प्रतिशत धनराशि जमा की थी,उन्हें दुकानें आवंटित की गईं हैं। 30 जनवरी को उन आवंटियाें को आवंटन पत्र दिये गए जिनका पैसा जमा किया जा चुका है। लिहाजा उन्हीं को दुकानों का आवंटन किया गया है। बताया कि 37 आवंटियों को कब्जा दिलाया जा चुका है। छह दुकानें आरक्षित वर्ग की हैं। जिनका आवंटन अभी शेष है। 15 फरवरी तक उन्हें भी दुकानें आवंटित करा दी जाएंगी।