फोटो 01 : जिला अस्पताल के बच्चा वार्ड में भर्ती बच्चे। संवाद
तापमान चढ़ते ही बुखार, उल्टी-दस्त के मरीजों की बढ़ी संख्या
संवाद न्यूज एजेंसी
इटावा। गर्मी चरम पर शुरू हो गई और इसका असर भी दिखने लगा है। जिला अस्पताल की बाल रोग विशेषज्ञ और फिजिशियन ओपीडी में रोगियों की संख्या बढ़ी है। इनमें बुखार, उल्टी-दस्त के मरीजों की संख्या ज्यादा है। इसका कारण बढ़ती गर्मी और खानपान में लापरवाही बताया जा रहा है। हाल यह है कि जिला अस्पताल का 24 बेड वाला बच्चा वार्ड फुल हो गया है। क्षमता से ज्यादा बच्चे आने पर उन्हें इमरजेंसी वार्ड में शिफ्ट किया गया है। करीब 40 बच्चे जिला अस्पताल में भर्ती हैं, इनमें उल्टी-दस्त व बुखार के ज्यादा हैं।
तापमान 40 के पार पहुंच गया है। इसका बुरा असर सेहत पर भी दिखना शुरू हो गया है। जिला अस्पताल में बीते शनिवार की ओपीडी में करीब 1300 मरीजों ने रजिस्ट्रेशन कराया। इसमें फिजिशियन, मेडिसिन ओपीडी में करीब साढ़े तीन सौ और बाल रोग विशेषज्ञ की दोनों ओपीडी में 400 के करीब बच्चों का उपचार हुआ।
इसमें 50 प्रतिशत से ज्यादा बुखार, उल्टी, दस्त के मरीज थे। इनमें जो गंभीर थे, उन्हें भर्ती भी किया गया। जिला अस्पताल के बच्चा वार्ड में ही 24 बेड फुल हैं, जबकि इसी वार्ड के पास महिलाओं के 12 बेड भी फुल हैं। अतिरिक्त बच्चों को तीसरी मंजिल पर स्थित आपात वार्ड में भर्ती कराया गया है। यहां भी 15 बच्चे भर्ती हैं।
भोजन चाहें कम करें लेकिन पानी खूब पीएं
-बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. पुष्पेंद्र यादव ने बताया कि गर्मी के मौसम में तेल, मसालेदार भोजन को त्याग देना चाहिए। बाहर का खाना पीना बिल्कुल ही बंद कर देना चाहिए, खासतौर पर फास्ट फूड आदि। घर में भी भोजन भूख का शांत करने जितना ही करना चाहिए। गर्मी में लिवर भी सुस्त हो जाता है, जिससे पाचन क्रिया पर असर पड़ता है। पानी खूब पीते रहें, यह अंदरूनी अंगों को ताकत देगा और डिहाइड्रेशन से सुरक्षित रहेंगे।